हेल्थ डेस्क: हर दिन कोरोना वायरस का नया रुप और भी ज्यादा विकराल होता जा रहा है. लेकिन इसका न कोई टीका है और न ही अलग से कोई इलाज. तो अगर आपकी किस्मत खराब हो और आप कोरोना वायरस की चपेट में आ जाएं तो इलाज क्या है?
अगर आपमें इसके लक्षण हल्के हैं तो आपको वही करना चाहिए तो आप सामान्य सर्दी-जुकाम या फ्लू के वक्त करते हैं. कोविड-19 नाम की बीमारी पैदा करने वाला सार्स-सीओवी-2 वायरस उन सैकड़ों विषाणुओं में से एक है जो इंसानों में सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे लक्षण पैदा करते हैं. इसका संक्रमण ऐसा भी हो सकता है कि आपको इसका कुछ खास पता न चले और ऐसा भी हो सकता है कि मामला फेफड़ों और दूसरे अंगों की कामबंदी तक पहुंच जाए. लक्षणों के इस हद तक पहुंचने की वजह यह है कि यह एक नया यानी नॉवेल कोरोना वायरस है और मानव प्रजाति अब तक इसके खिलाफ सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता (हर्ड इम्यूनिटी) विकसित नहीं कर पाई है.
फिर भी जो मौजूदा अनुमान हैं वे यही कहते हैं कि 80 फीसदी मामलों में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण हल्के या फिर इससे थोड़े ही ज्यादा होते हैं. अगर आप ऐसे लोगों में से हैं तो हो सकता है कि आपको पता ही न हो कि यह कोविड-19 है या कुछ और क्योंकि हो सकता है कि आपकी टेस्टिंग न हुई हो. फिर भी आपके लिए यह अहम है कि आप खुद ही अपने आपको दूसरों से अलग कर लें. इलाज के लिहाज से देखें तो अगर आप में बीमारी के लक्षण अपेक्षाकृत हल्के हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है या नहीं.
तो फिर क्या करें ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कोविड-19 के जो सबसे आम लक्षण हैं, वे हैं बुखार, थकान और सूखी खांसी. कुछ मरीजों को बदन दर्द, गले में खराश, बंद नाक या फिर नाक बहने की शिकायत भी हो सकती है और इसके साथ डायरिया की भी. इनमें जो लक्षण सबसे परेशान करते हैं वे हैं बुखार और बदन दर्द. इनके लिए आप निश्चिंत होकर पैरासिटामोल ले सकते हैं.

