रांची: झारखंड मजदूर कल्याण संघ के अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश रंजन ने कहा है कि आईआईसीएम का अपना एक स्वर्णिम इतिहास रहा है ,कोल इंडिया से जुड़े हुए देश के हर इकाई के अधिकारी, पदाधिकारी यहां ट्रेनिंग के लिए आते हैं और अपने भविष्य का मार्ग दर्शन लेकर जाते हैं मगर आज भी इस कैंपस के अंदर पिछले 25 सालों से काम करने वाले कर्मचारियों को कोल इंडिया से मिलने वाली सुविधा बहाल नहीं की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है. वे आज आईआईसीएम श्रमिक संघ की बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जल्दी ही कोल मंत्री से मिलकर इस संदर्भ में उनका ध्यान आकृष्ट कराएंगे.
इस अवसर पर आईआईसीएम श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले को लेकर हम कोर्ट जाएंगे जिसमें कहा गया है की एक ही संस्थान में लगभग 10 सालों से ऊपर कार्य कर रहे ठेका कर्मियों को नियमित किया जाए.
अजय राय ने कहा कि 1994 में आईआईसीएम की नींव रखी गई थी. तब से लेकर आज तक जो कर्मचारी जिस काम में लगा हुआ है उसके हालात वैसे ही हैं. उन्हें वरीयता का लाभ कहीं कुछ नहीं मिल पा रहा है. जबकि आईआईसीएम कोल इंडिया की एक स्वतंत्र इकाई है. जहां हर फैसले लेने के लिए वह स्वतंत्र है.
इस अवसर पर मनोज कुमार सिंह, रमेश साहू, विजय शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, शिबू कुमार सिन्हा, वीर बहादुर सिंह, अखाए बेहरा, रूपेश कुमार, मनोज मलिक, नितेश कुमार, राजेश मिश्रा सहित काफी संख्या में श्रमिक संघ के सदस्य बैठक में शामिल हुए. आये हुए अतिथियों को गुलदस्ता और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया गया.

