मेदिनीनगर: माइनिंग विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के करिवा पत्थर स्थित पैक्स भवन में छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए भारी मात्रा में कोयला को जब्त किया है.
मौके से माइनिंग विभाग ने कोयला लदे एक स्वराज ट्रैक्टर को भी धर दबोचा है. यह कोयला सगालीम गांव निवासी नंदकिशोर मेहता के पुत्र संतोष मेहता का है.
माइनिंग विभाग ने पैक्स भवन में रखे गए सभी कोयला को सील कर दिया है. पैक्स के सभी भवनों में कोयला रखा हुआ है. कोयला के कीमत लाखों रुपए की बतायी जा रही है. सबसे अहम बात है कि सरकार लाखों रुपए खर्च कर किसानों के फायदे के लिए पैक्स भवन का निर्माण किया है ताकि पैक्स भवन से किसानों को अनुदान पर बीज मिल सके.
लेकिन पांकी प्रखंड के अधिकांश पैक्स भवन पर दबंगों का कब्जा है. पांकी प्रखंड के करीवा पत्थर के पैक्स भवन पर सगलीम गांव निवासी नंदकिशोर मेहता के पुत्र संतोष कुमार मेहता व रंजीत मेहता पिछले कई वर्षों से कब्जा कर रखे हैं. संतोष कुमार मेहता व रंजीत मेहता पैक्स भवन को कोयला भंडार बना दिया. पिछले पांच-छह वर्षों से संतोष कुमार मेहता और रंजीत मेहता लगातार पैक्स भवन में कोयला रखने का काम करते आ रहे है.
पैक्स भवन में अवैध रूप से कोयला रखने की जानकारी मिलते ही माइनिंग विभाग ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कोयला को बरामद किया. साथ ही मौके से कोयला लदा एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया. कोयला लदा जब्त ट्रैक्टर को पांकी थाना ले जाया गया है.
जबकि अन्य कोयला को सील कर दिया गया है. डीएमओ मनोज टोप्पो ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिला था कि पांकी थाना क्षेत्र के करिवा पत्थर स्थित पैक्स भवन में अवैध तरीके से भारी मात्रा में कोयला रखा गया है. इसी सूचना पर माइनिंग विभाग ने स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से अचानक छापेमारी किया.
छापेमारी में पाया गया कि पैक्स भवन में रखे गए कोयले को एक ट्रैक्टर पर कोयला लदा जा रहा था. छापेमारी दल में पहुंचे अधिकारियों ने जब पैक्स भवन के अंदर जाकर देखा तो वे लोग हैरान रह गए. पैक्स भवन के सभी कमरों में कोयला रखा हुआ पाया गया. जब्त सभी कोयले को सील कर दिया गया है. वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से पैक्स भवन का निर्माण हुआ है उसी समय से रंजीत कुमार मेहता और संतोष मेहता भवन को कब्जे में कर रखा है. पिछले चार-पांच साल से लगातार इस भवन में कोयला रखने का काम हो रही है.
डीएमओ ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि कोयला संतोष कुमार मेहता के नाम पर गिरा हुआ है. लेकिन मौके पर संतोष कुमार मेहता नहीं था. इस मामले में जांच के की जा रही है. प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. वही प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी छोटेलाल प्रसाद ने बताया कि पैक्स भवन में अवैध तरीके से कोयला रखना कानूनन जुर्म है. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. छापेमारी दल में डीएम मनोज टोप्पो , प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी छोटेलाल प्रसाद , एएसआई निरंजन कुमार सिंह आदि पुलिस जवान शामिल थे.
किसानों को पैक्स भवन से आज तक नहीं मिला कोई लाभ
पैक्स भवन से मिलने वाला लाभ किसानों को आज तक नहीं मिला. जानकारी के अनुसार पैक्स भवन से ही किसानों को अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाना है. इसके अलावा धान की खरीद बिक्री पैक्स भवन से ही किया जाना है लेकिन पांकी के करिवा पत्थर के पैक्स कोयले का भंडार बनकर ही रह गया.
किसानों को आज तक अनुदान पर बीज उपलब्ध नहीं हो पाया. सबसे अहम बात है कि कुछ दिन कब्जा करने के बाद संतोष कुमार मेहता और रंजीत कुमार मेहता पैक्स भवन को रंजीत ट्रेडर्स लिख दिया है. ताकि किसी को यह पता नहीं चले कि यह भवन पैक्स है.
सूत्रों से जानकारी मिली है कि संतोष कुमार मेहता और रंजीत कुमार मेहता दोनों सगे भाई है. इन दोनों संगे भाइयों का एक ही धंधा है कि रात के अंधेरे में कोई लाकर पैक्स भवन में रखते हैं और सुबह उठते ही दूसरे जगह सफाई कर देते हैं. इन दोनों का अवैध धंधा काम पिछले कई साल से चल रहा है.

