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ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर किसानों को तुरंत क्षतिपूर्ति मिले: आरपीएन सिंह

वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिलाध्यक्षों व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षों से चर्चा की

by bnnbharat.com
May 2, 2020
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ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर किसानों को तुरंत क्षतिपूर्ति मिले: आरपीएन सिंह

ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर किसानों को तुरंत क्षतिपूर्ति मिले: आरपीएन सिंह

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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी आरपीएन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति तथा वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने आज सभी जिलाध्यक्षों और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षों तथा प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति के सदस्यों के साथ वीडियो-कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की.

प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि यह वक्त कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक संघर्ष का वक्त है, झारखंड को कोविड मुक्त बनाना है, पूरे देश को कोविड-19 से मुक्त कराना है. उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता आम आदमी, मध्यमवर्गी मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और समाज के सभी जरूरतमंद वर्ग की मदद करें, दिलों में बसना है, पोस्टर में नहीं दिखना है. प्रभारी ने कहा कि आम जनता की खुशी ही पार्टी कार्यकर्ता की खुशी है, इसलिए अभी लॉकडाउन के बीच जो प्रवासी वापस घर लौट रहे है, उनकी सेवा में सभी जुट जाए, उनके क्वारंटाइन सेंटर में रहने से लेकर खाने-पीने की मुकम्मत व्यवस्था की जाए. आरपीएन सिंह ने कृषि मंत्री बादल को विशेष रूप से यह जिम्मेवारी सौंपी कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति किसानों को जल्द से जल्द से उपलब्ध करायी जाए.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने बताया कि राज्य सरकार लॉकडाउन के बीच मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है. उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत गांव-गांव में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की योजना बनायी है. इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, बीड़ी पत्ता संग्रहण समेत अन्य योजनाओं से भी प्रवासी कामगारों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनायी गयी है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक शहरी निकाय क्षेत्र में विशेष छूट नहीं मिली है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर लोगों को छूट दी गयी है. उन्होंने बताया कि संकट के समय सभी लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाये गये है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी यह जिम्मेवारी बनती है कि वे अपने क्षेत्र में पीडीएस दुकानों पर नजर रखे और कालाबाजारी न होने दें.

इस मौके पर सभी जिलाध्यक्षों द्वारा भी अपनी ओर से कई सुझाव सरकार और संगठन के समक्ष रखे गये. साहेबगंज के जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनके जिले में रोटी मांगो- रोटी बांटो कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं, इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर से रोटी इकट्ठा कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाता है. संगठन के नेताओं की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि ग्रीन जोन के लिए राज्य सरकार पैसा रिलीज करें, साथ ही साथ बीड़ी पत्ता, सब्जी और फल विक्रेता किसानों के लिए आवश्यक छूट और मदद प्रदान करें. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और संगठन की ओर से केंद्र सरकार पर मनरेगा के लिए अधिक से अधिक राशि जारी करने का दबाव बनाने का भी आग्रह किया गया. जबकि नक्सल प्रभावित पिपरा प्रखंड में चलाये जा रहे राहत कार्य में आ रही अड़चन को दूर करने की मांग की गयी.

इस अवसर पर कृषि मंत्री बादल ने कहा कि ओलावृष्टि से फसल नुकसान के आकलन का निर्देश दिया गया है और जल्द ही सभी किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कर दिया जाएगा, इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से किसानो की मदद के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं भी शुरू की जा रही है. पार्टी प्रभारी की ओर से राहत निगरानी समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, राजेश गुप्ता और लाल किशोरनाथ को विशेष रूप से यह जिम्मेवारी सौंपी कि लॉकडाउन में मुश्किल में फंसे लोगों को सरकार और संगठन के बीच समन्वय स्थापित कर राहत पहुंचाये.

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष होने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की है कि देवघर दुमका बोकारो और पलामू जिले में टेस्टिंग सेंटर की स्थापना की जाए क्योंकि वहां के लोगों को ब्लड सैंपल और और उनकी जांच में काफी विलंब हो जाता है जिसके कारण पॉजिटिव मरीजों से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है.

संगठन के कई नेताओं ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है इस बाबत केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाना चाहिए कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि सुदूर आदिवासी इलाकों से ब्लड सैंपल लाने में 1 दिन लग जाता है और प्रक्रिया पूरी होते तीन-चार दिन लग जाते हैं ऐसे हालात में कोरोना वायरस को दूर करने में भारी मशक्कत होती है.

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