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सरना धर्म कोड लागू होने से एक बड़े वर्ग को न्याय मिल पाएगा: रामेश्वर उरांव

by bnnbharat.com
November 11, 2020
in समाचार
महिला ही नहीं पुरुषों के जनधन खाते में भी सहायता राशि डाली जाए: रामेश्वर उरांव
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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने विधानसभा द्वारा जनगणना 2021 में अलग सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रावधान लागू करने की मांग को केंद्र सरकार को भेजने के प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी घोषणा पत्र में भी सरना धर्म कोड से संबंधित प्रस्ताव लागू कराने की दिशा में सार्थक पहल का वायदा किया था और इस दिशा में विधानसभा से पारित होना एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल के कारण मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन लागू हो जाने के बावजूद विभिन्न आदिवासी संगठनों, विधायकों, पूर्व विधायकों और अन्य प्रतिनिधि उनसे मुलाकात करते रहे और उन्होंने यह भरोसा दिलाया था कि सरकार इस दिशा में सार्थक कदम उठाएगी.

डॉ. उरांव ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से इस संबंध में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष भी आग्रह किया जाएगा, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर जनगणना 2021 में अलग सरना धर्म के प्रावधान को लागू किया जा सके. उन्होंने बहुप्रतीक्षित सरना आदिवासी धर्म कोड से संबंधित प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब एक बड़े वर्ग को न्याय मिल पाएगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरना धर्म कोड की मांग को लेकर सरना धर्मावलंबी आंदोलनरत थे और पार्टी ने भी इस मांग का समर्थन किया.

सरना धर्म कोड लागू हो जाने से सरना धर्मावलंबियों की सही संख्या का पता चल पाएगा और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाने में आसानी होगी. उन्हों ने कहा कि इस प्रस्ताव के लागू हो जाने से न सिर्फ आदिवासियों को मिलने वाली संवैधानिक अधिकारों का लाभ प्राप्त हो सकेगा. साथ ही आदिवासियों की भाषा, संस्कृति, इतिहास का संरक्षण और संवर्धन होगा. उन्होंने बताया कि सन 1871 से 1951 तक की जगणना में आदिवासियों का अलग धर्म कोड था, लेकिन 1961 से 62 के जनगणना प्रपत्र से इसे हटा दिया गया. वर्ष 2011 की जनगणना में देश के 21 राज्यों में रहने वाले लगभग 50 लाख आदिवासियों ने जनगणना प्रत्र में सरना धर्म लिखा है.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर सरना कोड मिल जाता है, तो इसका दूरगामी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. पहला तो यह सरना धर्मावलंबी आदिवासियों की गिनती स्पष्ट रूप से जनगणना के माध्यम से हो सकेगी. आदिवासियों की जनसंख्या का स्पष्ट आकलन हो सकेगा.

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर शाहदेव एव़ डा राजेश गुप्ता छोटू ने सरना धर्म कोड के प्रस्ताव पारित होने पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव एवं पूरी कैबिनेट को विशेष रुप से धन्यवाद दिया है एवं आभार प्रकट किया है. आदिवासी सरना धर्म कोड को लेकर 20 वर्षों की झारखंड के इतिहास में विशेष सत्र आहूत कर आदिवासियों की मांगों को पूरा करने का गठबंधन की सरकार का संकल्प ऐतिहासिक क्षण है,अब केंद्र सरकार के ऊपर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्वं में पार्टी की ओर से व्यापक दबाव बनाया जाएग

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