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किसानों के समर्थन में कांग्रेस के तीनों मंत्री सड़क पर उतरे

by bnnbharat.com
December 8, 2020
in समाचार
कृषि कानून को वापस लेने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं का प्रखंड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन
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रांची:- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में विधायक दल नेता आलमगीर आलम,मंत्री बादल पत्रलेख, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव,डा राजेश गुप्ता छोटू सहित हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता भारत बंद के समर्थन में आज प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं ने सड़क पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया- हाथों में झंडे और तख्तियों में लिखे हुए नारे किसान विरोधी भाजपा सरकार वापस जाओ, किसानों के सम्मान में कांग्रेस हैं मैदान में ,जब तक काला कानून वापस नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा, किसान विरोधी सरकार गद्दी छोड़ो, जनविरोधी सरकार गद्दी छोड़ो, तानाशाह सरकार नहीं चलेगी, नारे लगाते हुए झारखंड सरकार के तीनों मंत्रियों ने राजधानी की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया-
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि झारखंड सरकार के तीन मंत्री राजधानी रांची में टुकटुक में बैठकर सड़कों पर उतर कर इस काले कानून का विरोध दर्ज कर दिल्ली की मोदी सरकार तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक कार्य किया है- लगभग दो घंटे तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव अल्बर्ट एक्का चौक की सड़कों पर बैठे और इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा भाजपा के जो लोग कह रहे हैं कि बंद नहीं हुआ अगर वह आंख बंद कर लेंगे तो क्या सूरज नहीं निकल रहा है, 90प्रतिशत कांग्रेसी किसान हैं ,भाजपा के सांसद किसान नहीं है- एक जवाब में उन्होंने कहा कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन कांग्रेस पार्टी कर्म पर विश्वास करती है जो हम कर रहे हैं फल की चिंता नहीं है-हम शांतिपूर्ण ढंग से बंद कर रहे हैं, किसानों के पक्ष में खड़े हैं- नीति आयोग ने पहले ही फैसला दिया है कि देश में एमएसपी की जरूरत नहीं है शांता कमेटी की रिपोर्ट ने भी यही कहा था जिसे भाजपा की सरकार एमएसपी को खत्म करना चाहती है, देश जानता है कि कांग्रेस पार्टी ने किसानों के लिए क्या किया है,जब तक यह काला कानून वापस नहीं हो जाता है हमारा संघर्ष जारी रहेगा-
विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कहा कि किसानों के संघर्ष में हम खड़े रहेंगे- आलमगीर आलम ने कहा उनके दिलों में आला लगाइए तब पता चलेगा कि किसानों के हृदय में कितनी तकलीफ है, लोग पूछते हैं हम अनाज कहा बेचेंगे, इस काले कानून को लाने के पहले क्या केंद्र की सरकार ने राज्यों से विचार विमर्श किया था उन्होंने कहा दूर तक बात निकली है तो दूर तलक जाएगी, कृषि का यह काला कानून देश के किसान संगठनों ने नकार दिया है-13 दिनों से चली आ रही आंदोलन को समाप्त करने के बजाय राष्ट्रद्रोह का सर्टिफिकेट बांटना किसी भी तरीके से यह जायज नहीं-है 70 वर्षों में पहली बार देश का किसान सड़कों पर निकला है पूरा देश किसानों के साथ है और आज का बन्द देश की जनमानस का बन्द है-
इसके पूर्व पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता छोटू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने सुबह 9.30 बजे ही राजधानी रांची स्थित कांग्रेस भवन से जुलूस निकालकर पूरे शहर का भ्रमण करते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक जुलूस पहुंचा एवं धरना पर बैठा, पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने करीब दो घंटे तक अल्बर्ट एक्का चौक पर केंद्र सरकार के नये कृषि बिल को वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी की और किसानों पर मोदी सरकार में हो रहे अत्याचार पर अंकुश लगाने की मांग की गयी-
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि यह काला कानून डेथ वारंट है और इस कानून का विरोध करना हर देशवासियों का कर्त्तव्य है,कानून आने के पहले ही पंजाब और बिहार में साइलोज बना दिया गया है और अडानी के कहने पर यह किया गया है, सरलौज बनाने की जिम्मेदारी अडानी को दी गई, अडानी के कहने पर ही या काला कानून लाया गया है- बादल पत्रलेख ने कहा कि यह राज्य का विषय है और राज्य से चर्चा किए बगैर यह काला कानून लाया गया है जिसे देश का किसान और देश की जनता किसी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है-
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि जब किसान खुद यह कह रहे है कि नया कृषि बिल उनके हितों के विपरीत है, इसके बावजूद तमाम भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का यह तर्क बेतुका लगता है कि नया कानून किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है- उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसान सड़क पर उतरे है, उन्हें अपने भविष्य के साथ ही देश के आम लोगों की चिंता है, यदि कृषि उपज और खाद्यान्न पर भी पूंजीपतियों का प्रभुत्व हो जाता है, तो महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी, किसानों की जमीन छीन जाएगी और देश की सारी संपत्ति कुछ पूंजीपतियों के हाथों में पहुंच जाएगी- उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित हो चुका है कि अंबानी समूह अब खुदरा व्यापार के क्षेत्र में देश में अपना सिक्का जमाना चाहता है, इसे लेकर गूगल और कई विदेशी कंपनियों के साथ भी सांठगांठ की जा रही है, अंबानी को पता है कि आने वाला भविष्य खुदरा क्षेत्र और कृषि उपज का ही है, यही कारण है कि जब केंद्र सरकार ने एक पेट्रोलियम कंपनी को बेचने का निर्णय लिया, तो उसकी नीलामी से अंबानी ग्रुप दूर रहा, क्योंकि उसे पता है कि कुछ वर्षां बाद पेट्रोलियम उत्पाद का भविष्य नहीं है-
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि अडाणी समूह को खाद्यान्न के रखरखाव का ठेका दे दिया गया है, देश के अन्नदाता लोगों की पेट भरने में लगे है, लेकिन पूंजीपति लोग बिना कुछ काम किये, सिर्फ मुनाफा कमाने में लगे है और केंद्र सरकार उनके हितों को ध्यान में ही रख कर सभी काम कर रही है- प्रदेश प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि हर हाल में कृषि कानून को केंद्र सरकार को वापस लेना होगा और जब तक कानून वापस नहीं लिया जाएगा,आंदोलन जारी रहेगा- आज के बंदी कार्यक्रम में कांग्रेस नेता प्रदीप तुलस्यान, रमा खलखो,रश्मि पिंगुवा, निरंजन पासवान, सलीम खान, फिरोज रिजवी मुन्ना, जगदीश साहू,सुषमा हेम्ब्रम,मौसमी मिंज, शमशेर आलम, राजीव रंजन प्रसाद, विनय सिन्हा दीपू, सुरेंद्र राम, कुमुद रंजन, दिनेश लाल सिन्हा सुषमा हेंब्रम, चिंटू कुमार,जितेंद्र त्रिवेदी,सुनील सिंह, राजू चौधरी, नरेंद्र लाल गोपी,अमूल्य नीरज खलखो, नीलम सहाय, किरण बाला सुरेन राम, जगन्नाथ साहू मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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