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अवैध फोन टैपिंग मामले में FIR, सीआईडी के तत्कालीन एसपी मनोज रतन चोथे और पुलिस अधिकारी विनोद रवानी के नाम भी शामिल

by bnnbharat.com
July 19, 2020
in समाचार
अवैध फोन टैपिंग मामले में FIR, सीआईडी के तत्कालीन एसपी मनोज रतन चोथे और पुलिस अधिकारी विनोद रवानी के नाम भी शामिल
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रवि,

खास बातें:-

  • पशु तस्कर दिखा कर पुलिसकर्मियों के भी किए गए थे फोन टेप

  • विशेष शाखा के इंस्पेक्टर बनाए गए नामजद अभियुक्त

  • अवैध फोन टैपिंग का मामला विधायक सरयू राय ने उठाया था

  • डीजीपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी

रांचीः झारखंड में अवैध तरीके से नेताओं के फोन टैपिंग होने के आरोप पहले ही लगता रहा है. लेकिन इस बार पुलिस के भी फोन टेप हो रहे थे. जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद शिनवार को डोरंडा थाना में विशेष शाखा के इंस्पेक्टर अजय कुमार साहू और अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई.

डोरंडा कांड संख्या 189/20 दिनांक 18-07-2020 के तहत दर्ज एफआईआर में भादवि की धारा 166, 167, 418, 120 आईपीसी लगाई गई है. यह  एफआईआर सीआईडी के डीएसपी रंजीत लकड़ा ने दर्ज कराई है.

इस प्राथमिकी में चौका के थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, का मोबाइल नंबर, चुटिया थाना के पुलिसकर्मी रंजीत सिंह का मोबाइल नंबर, पुलिस कर्मी मो. इरफान का मोबाइल नंबर को पशु तस्कर बताकर टैप किया गया.

सीआईडी की तकनीकी शाखा में इन सभी के फोन सुने गए थे.  बताते चलें कि अवैध फोन टैपिंग का मामला विधायक सरयू राय ने उठाया था.

उन्होंने इस संबंध में झारखंड के डीजीपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी. उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि उनकी जासूसी कराई गई. विधायक के पत्र के आधार पर मामले की जांच की गई.

क्या है एफआईआर में

दर्ज प्राथमिकी में आरोप  है कि सीआईडी की तकनीकी शाखा में तैनात पदाधिकारी अजय कुमार साहू आवेदन लेकर सीनियर अफसरों के पास जाते थे, और फोन टैप करने की अनुशंसा गृह विभाग को भिजवाया करते थे.

इसमें सीआईडी के तत्कालीन एसपी मनोज रतन चोथे और पुलिस अधिकारी विनोद रवानी के हस्ताक्षर से अनुशंसा पत्र भेजा जाता था. आरोप है कि पुलिस कर्मियों की पशु तस्करों से सांठ-गांठ की बात कहकर फोन टैप किया गया है. इस पर न तो हस्ताक्षर करने वाले अफसरों ने जांच पड़ताल की और सुनने वाले अफसरों ने.

एफआईआर के बाद अब इस मामले का अनुसंधान तेजी से किया जाएगा. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसके आदेश पर फेन टैपिंग हो रही थी.

मामले की हुई थी जांच

सीआईडी में अवैध तरीके से फोन टैप करने का आरोप पहले ही लगता रहा है. आरोपो की जांच सीनियर आईपीएस अफसर की निगरानी में कराई गई.

जांच रिर्पोट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है. झारखंड में इस तरह का पहला केस है, जब अवैध फेन टैप करने के आरोप में किसी थाना में केस दर्ज किया गया है.

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