ग्वालियर: कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये जिले में इंसीडेंट कमांडरों के साथ-साथ अब जिला अधिकारी भी कार्य करेंगे. जिले के सभी इंसीडेंट कमांडरों के साथ जिला अधिकारियों को भी तैनात किया जायेगा.
जिला अधिकारी कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए जा रहे कार्यों में अपना योगदान देंगे. कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में यह निर्देश दिए हैं.
अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई. बैठक में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई.
बैठक में सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर आशीष तिवारी, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ मरीजों के उपचार और जन जागृति का कार्य जिले के सभी इंसीडेंट कमांडर कर रहे हैं.
कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार के कार्य को और प्रभावी बनाने के लिये अब अन्य विभागों के जिला अधिकारियों को भी इंसीडेंट कमांडर के साथ तैनात किया जायेगा. ये विभागीय अधिकारी इंसीडेंट कमांडर के नेतृत्व में कार्य करेंगे. विभागीय कार्यों के साथ-साथ कोविड-19 से संबंधित काम भी करेंगे.
कलेक्टर सिंह ने यह भी कहा कि कोविड-19 में मरीजों के उपचार के साथ-साथ आम जनों में जन जागृति के माध्यम से संक्रमण की रोकथाम के लिये भी प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करना, इंसीडेंट कमांडरों की जवबादेही है.
सभी इंसीडेंट कमांडर अपने-अपने क्षेत्र में अपने अधीनस्थों की टीम गठित कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराएं. इसके साथ ही वार्ड स्तरीय समितियों के माध्यम से भी जन जागृति के लिये विशेष प्रयास किए जाना चाहिए.
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों को तेजी के साथ क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी गति लाने के निर्देश सभी राजस्व अधिकारियों को दिए.
वन अधिकार पट्टों को देने का कार्य तेजी से करें
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शासन के निर्देशानुसार वन अधिकार पट्टों को देने के कार्य की समीक्षा भी की. उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्र में जो भी पात्र लोग हैं उन्हें वन अधिकार के पट्टे देने का कार्य तेजी से करें. अनुविभागीय अधिकारी अपने स्तर से कार्रवाई पूर्ण कर जिला स्तर पर भेजें, ताकि पात्र लोगों को पट्टे देने का कार्य किया जा सके.

