उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, एक्सीडेंट करने वाला ट्रक समाजवादी पार्टी नेता नंदू पाल के बड़े भाई देवेंद्र पाल का है। हादसे के बाद फतेहपुर के जेल रोड पर देवेंद्र पाल के मकान में ताला बंद है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र पाल ललौली थाना क्षेत्र के मुत्तोर गांव के रहने वाले हैं। उनकी तलाश शुरू हो गई है।
उन्नाव के चर्चित दुष्कर्मकांड की पीड़िता के साथ हुए हादसे के मामले में नया मोड़ आ गया है। कार में टक्कर मारने वाला ट्रक फतेहपुर के सपा नेता व पूर्व जिला सचिव नंदू पाल के भाई का है। सपा नेता का कहना है कि इसे साजिश बताकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, जबकि यह महज हादसा है। हम लोग विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जानते तक नहीं हैं, बस नाम सुना है। रही ट्रक के नंबर प्लेट में कालिख पोतने की वजह, तो यह केवल फाइनेंसर की नजरों से बचना था। यदि कहीं भी साजिश प्रतीत हो रही है तो सरकार इसकी सीबीआई जांच करा ले। ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फतेहपुर ललौली कस्बे के सातआना मोहल्ला निवासी सपा नेता नंदकिशोर पाल उर्फ नंदू पाल की पत्नी रामाश्री पाल सपा से असोथर ब्लॉक की प्रमुख रह चुकी हैं। सपा नेता चार भाई हैं। दूसरे नंबर पर देवेंद्र किशोर पाल, तीसरे नंबर मुन्ना पाल और सबसे छोटा दिलीप पाल है। दिलीप का मकान लालगंज में है। तीन भाइयों के ललौली के साथ शहर के नई तहसील के सामने पाल नगर में अलग-अलग मकान हैं। चारों भाइयों के बीच 27 ट्रक हैं। इसके अलावा लखनऊ रोड पर्र ईंट-भट्ठा है।
नंदू के मुताबिक दुर्घटना करने वाला ट्रक दूसरे नंबर के भाई देवेंद्र किशोर पाल के नाम पर है। यह ट्रक मोरंग रायबरेली में उतारने के बाद फतेहपुर लौट रहा था। ट्रक इसी थाने के ओती गांव का निवासी सूरजपाल का सबसे छोटा बेटा आशीष कुमार चला रहा था। सूरज का बड़ा बेटा सुनील और पंकज घर में रहकर खेती करते हैं। वहीं, ओती प्रधान सुशील सिंह भदौरिया ने बताया कि सूरजपाल का परिवार गांव में किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता है।
रायबरेली में उन्नाव की रेप पीड़िता की कार में टक्कर मारने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर रात सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। इस संबंध में केन्द्र सरकार को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है। परिवार कर रहा था मांग: पीड़िता का परिवार सोमवार सुबह से ही इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने रात में रायबरेली एसपी की रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच की अब तक की पड़ताल, हत्या की एफआईआर और कुछ अन्य दस्तावेज मंगवाये।
उन्नाव रेप पीड़िता की कार में ट्रक की टक्कर लगने के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और साजिश का मुकदमा दर्ज कराया गया है। कुलदीप सेंगर दुष्कर्म कांड में आरोपी भी हैं। ट्रक चालक,, मालिक गिरफ्तार: प्रदेश के एडीजी राजीव कृष्ण के अनुसार यह मुकदमा रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा की तहरीर पर रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में लिखा गया है। रविवार को पीड़िता अपनी चाची, मौसी और वकील महेन्द्र सिंह के साथ कार से चाचा से ही मिलने जा रही थी। पुलिस ने ट्रक चालक आशीष कुमार के अलावा ट्रक मालिक फतेहपुर के देवेन्द्र किशोर पाल और क्लीनर बांदा निवासी मोहन श्रीवास को भी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।
बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर, उनके भाई मनोज सेंगर और आठ अन्य के खिलाफ सड़क दुर्घटना के एक मामले में पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की है. इस दुर्घटना में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि इस हादसे में उनकी दो महिला रिश्तेदारों की मौत हो गई थी. आरोपियों पर दुष्कर्म पीड़िता के चाचा महेश सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया, जो रायबरेली जेल में बंद हैं.
हादसे में मृत महिलाओं में से एक उन्नाव दुष्कर्म मामले की गवाह थी. दुष्कर्म पीड़िता की मां ने दावा किया कि यह दुर्घटना उनकी बेटी और अन्य को खत्म करने की एक साजिश थी. दरअसल जिस कार में पीड़िता का परिवार जा रहा था, उसे एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी. इसके बाद यह मामला एक बड़े विवाद में बदल गया. ट्रक के मालिक, ड्राइवर और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
विधायक के खिलाफ दुष्कर्म मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम भी परिवार के सदस्यों से मिलने और फिर पुलिस से दुर्घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंची.

