रांची: वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न इस लॉक डाउन की स्थिति में मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के प्रयास से “मुख्यमंत्री दीदी किचन“ की शुरुआत 05 अप्रैल 2020 से हुई है. इसका मुख्य उद्देश्य संकट की घड़ी में राज्य के सभी असहाय एवं बेरोजगार श्रमिकों को रोजाना मुफ्त भोजन उपलब्ध कराना है जिसके लिए राज्य के सभी 4562 पंचायतों में मुखिया को 10000 की राशि प्रदान की गई है.
“मुख्यमंत्री दीदी किच” के माध्यम से रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत बुध बाजार दोतल्ला पंचायत के मुखिया लव कुमार महतो अपने क्षेत्र में घूम-घूम कर असहाय एवं बेरोजगार श्रमिकों को रोजाना मुफ्त भोजन उपलब्ध करा रहे हैं.
बुध बाजार दोतल्ला पंचायत की आबादी करीब 13 हजार के करीब है जिसमें निबंधित सखी मंडलो के सहयोग से संकट की घड़ी में यह सुनिश्चित हो रहा है. इस मसले पर बुध बाजार दोतल्ला के मुखिया लव कुमार ने बताया कि वैश्विक महामारी से हमारा देश भी प्रभावित है. उसके निमित्त हम लोग जब से लॉकडाउन हुआ है तब से घर-घर जाकर एक पंचायत स्तरीय समिति बनाए हैं जो घर-घर जाकर इसके प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं.
पहले स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, दूसरी बात दैनिक मजदूरी एवं फूटपाथी दुकानदारों का पूरा काम बंद हो गया है, उसको लेकर जो असहाय हैं, जो अपने घरों में भोजन बना नहीं सकते हैं, वैसे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था हम लोग किए हैं.
इस बीच मुख्यमंत्री के आदेश पर मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना चल रहा है जो हम लोगों के लिए सोने पर सुहागा हो गया है. वैसी परिस्थिति में इसके लिए अतिरिक्त राशि रुपया 10,000 हम लोग को मिला है जो काफी सहायक सिद्ध हो रहा है.
साथ ही जल संरक्षण को लेकर मुझे केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है, जिससे यहां के ग्रामीण प्रचुर मात्रा में सब्जी उगाते हैं जो पहले बाहर भेजी जाती थी लेकिन अब लॉकडाउन के मद्देनजर सारी सब्जियों का उपयोग हम लोग मुख्यमंत्री किचन में कर रहे हैं.
इससे सभी को पौष्टिक भोजन मिलना सुनिश्चित हो पा रहा है, और इसके लिए लोगों को चिन्हित कर उन्हें सूचित किया जा रहा है. जिससे लोग नियमित रूप से आकर मुख्यमंत्री किचन से लाभान्वित हो रहे हैं, इसके पूर्ण रूप से सुनिश्चित संचालन करने के लिए पंचायत भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया है और वहां सूचना आते ही एक समिति बनी हुई है. जो भूखे व्यक्ति को मुख्यमंत्री किचन में पहुंचाती है जो हमारे आंगनबाड़ी केंद्र में चल रहा है और वहां उनको भोजन सुनिश्चित किया जा रहा है.

