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भारत ड्रोन से टिड्डी दल को नियंत्रित करने वाला पहला देश बना

भारत के इस पहल की FAO ने की तारीफ

by bnnbharat.com
June 25, 2020
in समाचार
भारत ड्रोन से टिड्डी दल को नियंत्रित करने वाला पहला देश बना
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नई दिल्ली: भारत कृषि पर आतंक का पर्याय बने टिड्डी दल को ड्रोन की मदद से काबू करने वाला पहला देश बन गया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर से देश में कहर बनकर भारत पाक सीमा से आ रहे टिड्डी दल को समाप्त करने के लिए राजस्थान में सबसे पहले ड्रोन का प्रयोग किया गया था. संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्द एवं कृषि संगठन-एफएओ ने भारत की इस पहल की तारीफ की है.

इसके सफल रहने के बाद अब देश के छह टिड्डी प्रभावित राज्यों में इसका प्रयोग किया जा रहा है. सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान में विभिन्न चरणों में 12 ड्रोन तैनात किए गए हैं. इसके अलावा बाड़मेर, जैसेलमेर, बीकानेर, नागौर और जोधपुर में पांच ड्रोन की सहायता से टिड्डी दल के आक्रमण को काबू में किया जा रहा है.

टिड्डी दल के नियंत्रण में प्रभावी

ड्रोन की भारत में सफलता के बाद इसे बड़े पैमान पर टिड्डी प्रभावित अन्य देशों द्वारा भी प्रयोग में लाया जा सकता है. एफएओ ने भारत द्वारा किए गए इस प्रयोग की कार्ययोजना को टिड्डी नियंत्रण में खासी प्रभावी करार दिया है. कृषि और किसान मंत्रालय ने उम्मीद जतायी है कि मेक इन इंडिया के तहत विकसित किया गया यह विशेष ड्रोन भविष्य में व्यवसायिक संभावनाओं के साथ देश के लिए बड़ी उपलब्धि भी साबित हो सकती है.

मेक इन इंडिया की पहल से बना देसी यंत्र

टिड्डियों के हमले और बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान को देखते हुए मेक इन इंडिया पहल के तहत ऊंचाई पर पेड़ों में जमे बैठे टिड्डों की समाप्ति के लिए वीकल माउंटेड यूएलवी स्प्रेयर तैयार किया था. यह देसी यंत्र सबसे पहले राजस्थान के बीकानेर और अजमेर में प्रयोग किया गया.

वहां इसकी सफलता को देखते हुए, मंत्रालय ने इसके व्यवसायिक निर्माण को स्वीकृति देते हुए इसे लॉन्च कर दिया. इस उपलब्धि को अब बड़े पैमाने पर प्रयोग के लिए एक मुश्त उत्पादन के लिए कार्ययोजना की आवश्यकता है. जिससे टिड्डियों पर प्रभावी ढंग से काबू किया जा सके.

सात राज्यों के 84 जिलों में टिड्डियों का कहर
इस साल अब तक टिड्डियों के कहर के चलते सात राज्यों के 84 जिलों में बड़े पैमाने पर इनका कई  बार हमला हो चुका है. जिसमें एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा इलाके पर टिड्डियों के हमले को नाकाम किया जा चुका है. इतना ही नहीं अभी भी राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में टिड्डी नियंत्रण का काम जोरों पर है.

 

 

 

 

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