नई दिल्ली: भारत ने सीमा विवाद के बीच चीन को सबक सिखाने के लिए तैयारी कर ली है. भारत ने चीन से आयात पर लगाम लगाने के लिए कड़े क्वालिटी कंट्रोल उपायों और हायर टैरिफ लगाने का प्लान बनाया है. इस मामले से जुड़े जानकार लोगों ने यह जानकारी दी.
पड़ोसी देश के साथ सैन्य गतिरोध के कारण आर्थिक संबंध खतरे में है. उन्होंने कहा, सरकारी भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards- BIS) ने कम से कम 370 उत्पादों के लिए कठिन मानदंडों को अंतिम रूप दे रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन वस्तुओं का स्थानीय स्तर पर उत्पादन किया जा सकता है, उनका आयात नहीं किया जाए.
इन उत्पादों में रसायन (Chemicals), इस्पात (Steel), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics), भारी मशीनरी (Heavy Machinery), फर्नीचर (Furniture), कागज (Paper), औद्योगिक मशीनरी (Industrial Machinery), रबर आर्टिकल्स (Rubber Articles), कांच (Glass), मेटल आर्टिकल्स (Metal Articles), फार्मा (Pharma), उर्वरक (Fertilizer) और प्लास्टिक के खिलौने (Plastic Toys) शामिल हैं.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा किफर्नीचर, एयर कंडीशनर के कंप्रेशर्स और ऑटो कम्पोनेंट्स प्रोडक्ट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है.
सरकार के लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर के बीच वित्त मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जा रहा है. उन लोगों ने कहा, व्यापार मंत्रालय अलग से विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) के नियमों से बचने के लिए चीनी आयात की जांच के लिए नॉन-टैरिफ उपायों का मूल्यांकन कर रहा है.
इस तरह के उपायों में अधिक निरीक्षण, उत्पाद परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन आवश्यकता शामिल होगी.व्यापार मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कार्यालय समय पर अपने मोबाइल पर की गई कॉल का जवाब नहीं दिया.
