रांची: प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने आज किसानों के नाम पर भारत बंद को पूरी तरह विफल बताया है. शुक्ल ने कहा है किसान अपने खेतों में काम कर रहा है. किसान गेंहू की बोआई तथा सिचाई और अन्य कृषि कार्य कर रहे है.
ये कुछ वैसे लोग है जो किसान नहीं है या राजनीति से पूरी तरह प्रेरित है और उस तरह के लोग है जो खुद बिचौलियों का काम करते है या उससे संबंधित है, जो दिल्ली की सीमा पर अवरोध उत्पन्न कर रहे है और घेराव करने का काम कर रहे है. देश के किसानों ने इस आंदोलन को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से सालाना 6 हजार रुपये देने की स्थायी ठोस व्यवस्था की है. जो एमएसपी थी उसको पिछले वर्षों में 60 गुना से लेकर 80 गुने तक बढ़ाया गया है, उसकी खरीदारी पूरे देश में हो रही है. कई राज्यों के किसानों के एक लाख केसीसी कर्ज को भी भाजपा शासित सरकारों ने माफ किया है. जो लोग बड़ी-बड़ी गाड़ियों पर जाकर आंदोलन कर रहे है वो लोंग किसान नहीं है और ना ही किसानों के हितैषी है.
किसानों के लिए जो नरेंद्र मोदी की सरकार ने तीन विधेयक और कानून पास किया है, उससे किसानों को बेहतर कीमत मिलेगा और बाजार की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. यह किसान हित में है. अब किसान को जहां अच्छी कीमत मिलेगी, वहां अपना अनाज बेच सकता है. मोदी की सरकार ने जो प्लेटफार्म किसानों को दिया है यह विपक्षियों को राश नहीं आ रहा है.
अब एक देश एक बाजार किसानों को मिल रहा है. मोदी सरकार को सुनियोजित षणयंत्र के तहत बदनाम किये जाने की दृष्टि से इस तरह का कार्य किया जा रहा है. किसान भाईयों ने बंद को नकारा है, जिसके लिए आम किसानों का इस तरह के बंद का कोई समर्थन नहीं है. देश के किसान बधाई के पात्र है.

