दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन पर 30 अप्रैल 2021 तक प्रतिबंध लगाया है.
हालांकि, मामले की गंभीरता के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा चयनित मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी जा सकती है. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए भारत की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पिछले साल 25 मार्च से प्रतिबंध लगा दिया गया था. लेकिन जुलाई से चुनिंदा देशों के साथ एयर बबल समझौते के तहत उड़ानों को ऑपरेट किया जा रहा है.
अब भारत ने श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय एयर बबल व्यवस्था के लिए समझौता किया है. इसके तहत दोनों देशों के बीच विशेष अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का संचालन होगा. यानी अब कुल 28 देशों के साथ भारत का एयर बबल समझौता हुआ है.
क्या है एयर बबल?
एयर बबल पैक्ट दो देशों के बीच उड़ान सेवाएं को फिर से शुरू करने की एक अस्थायी व्यवस्था है. द्विपक्षीय एयर बबल पैक्ट के तहत, दोनों देशों की एयरलाइंस कुछ प्रतिबंधों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर सकती हैं. यह समझौता नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद होने पर कमर्शियल पैसेंजर सर्विस को दोबारा शुरू करने के लिए दो देशों के बीच किया जाता है.
किन 28 देशों के साथ हुआ समझौता?
-अफगानिस्तान
बहरीन
-कनाडा
-फ्रांस
-जर्मनी
-इराक
-जापान
-मालदीव
-नाइजीरिया
-संयुक्त अरब अमीरात
-कतर
-ब्रिटेन
-अमेरिका
-श्रीलंका
-रूस
-नेपाल
-नीदरलैंड
-बांग्लादेश
-भूटान
-इथियोपिया
-केन्या
-कुवैट
-ओमान
-रवांडा
-सेशल्स
-तंजानिया
-यूक्रेन
-उज्बेकिस्तान
मालूम हो कि हाल ही में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि सभी हवाई अड्डे के परिचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हवाई अड्डे पर और यात्रा के दौरान लोगों ने मास्क सही तरीके से पहना है या नहीं. साथ ही हवाई अड्डे के परिसर में सुरक्षित शारीरिक दूरी भी बनाए रखनी होगी. डीजीसीए ने एयरलाइंस को अचानक जांच करने का निर्देश भी दिया है.
अगर एयरलाइंस विमान के अंदर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पाती हैं, तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. साथ ही, यदि कोई व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है तो उसके साथ ‘अनियंत्रित यात्री’ जैसा व्यवहार किया जाएगा.

