BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

टिड्डियों से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर किए जाएंगे तैनात

by bnnbharat.com
June 8, 2020
in समाचार
टिड्डियों से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर किए जाएंगे तैनात
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली:  कृषि मंत्रालय टिड्डियों से निपटने के लिए उच्च शक्ति वाले छिड़काव उपकरण का आयात कर रहा है. आपको बता दें की टिड्डियों के खतरे से निपटने के लिए अब भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर तैनात किए जाएंगे. इसे भारतीय वायुसेना के पांच एमआई-17 हेलीकॉप्टरों पर टिड्डियों के झुंडों पर छिड़काव के लिए लगाया जाएगा.

विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के पांच एमआई-17 हेलीकाप्टरों पर लगाए जाने के लिए यूरोपीय संघ से एक उच्च-शक्ति छिड़काव उपकरण को आयात किया जा रहा है. विभिन्न मंत्रालयों, आईएएफ, सेना विमानन कोर और उद्योग के बीच करीबी सहयोग से हमें 27 वर्षों में सबसे खराब टिड्डियों के हमले के खिलाफ जीतने में मदद करेगा.
उन्होंने कहा कि एक सशक्त समिति हेलीकॉप्टर कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही एक समझौते की उम्मीद है, जो डीजीसीए की मंजूरी के अधीन है. मंजूरी मिलने बाद इन्हें आयात किया जाएगा और हेलीकॉप्टरों पर लगाया जाएगा.

विमानन मंत्रालय ने पिछले महीने कृषि मंत्रालय को ‘एंटी-लोकस्ट ऑपरेशन’ (टिड्डियों के खिलाफ अभियान) के लिए स्प्रे ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी. अधिकारी ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयीय अधिकार प्राप्त समिति ने बोली लगाने वालों के साथ वार्ता की और पांच ड्रोन कंपनियों को कार्य आदेश जारी किए गए. उन्होंने कहा कि ड्रोन-स्क्वाड अगले हफ्ते की शुरुआत में टिड्डियों के हमले से प्रभावित बाड़मेर, फलोदी, नागौर और बीकानेर पहुंचेंगे.

अधिकारी ने आगे कहा कि दो तीन वर्षों में, जैसे-जैसे मांग बढ़ती है और ड्रोन की कीमतें गिरती हैं. हमें उम्मीद हैं कि हमारे यहां गांव-आधारित उद्यमी आगे आएंगे, जो फसल की मैपिंग, एनालिटिक्स, उपज सुधार सलाह और छिड़काव के लिए ड्रोन सेवाएं प्रदान करेंगे.

 

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

बेकाबू पिकअप ने सात को रौंदा, एक की मौत

Next Post

मजदूरों के समस्याओं की अनदेखी, कोरोना से जंग में एक बड़ी भूल

Next Post
मजदूरों के समस्याओं की अनदेखी, कोरोना से जंग में एक बड़ी भूल

मजदूरों के समस्याओं की अनदेखी, कोरोना से जंग में एक बड़ी भूल

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d