बेंगलुरु: भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान गगनयान (Space mission) के लिए चुने गए चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (Indian Astronauts) ने रूस में फिर से प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया है. कोविड-19 महामारी के कारण उनका प्रशिक्षण रोक दिया गया था.
रूसी अंतरिक्ष निगम, रॉस्कॉस्मोस ने एक बयान में कहा, ‘गागरिन रिसर्च एंड टेस्ट कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर (जीसीटीसी) ने 12 मई को ग्लाव्कॉस्मोस, जेएससी (सरकारी अंतरिम निगम रॉस्कॉस्मोस का हिस्सा) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मानव अंतरिक्ष यान केंद्र के बीच हुए अनुबंध के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण फिर से शुरु किया है.’
बयान में आगे कहा गया, ‘जीसीटीसी में महामारी से बचाव के लिए सभी नियमों का पालन किया जा रहा है. सभी जीसीटीसी सुविधाओं पर स्वच्छता के सभी प्रबंध किए गए हैं. सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशो को लागू किया गया है और अनधिकृत व्यक्तियों का आना-जाना प्रतिबंधित है.
साथ ही सभी कर्मचारियों और अंतरिक्ष यात्रियों को मास्क और दस्ताने पहनना अनिवार्य किया गया है. रॉस्कोसमोस ने ट्विटर पर भारतीय ध्वज लेकर स्पेससूट पहने हुए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की एक तस्वीर भी साझा की.
15 अगस्त 2018 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘गगनयान मिशन’ के माध्यम से 2022 में या उससे पहले अंतरिक्ष में भारतीय अंतरिक्ष यात्री भेज देने की घोषणा की थी.
लाल किले की प्राचीर से उन्होंने कहा था, ‘जब भारत 2022 में आज़ादी की 75वीं सालगिरह मना रहा होगा, भारत मां का कोई लाल, चाहे बेटा हो या बेटी तिरंगा लेकर अंतरिक्ष में प्रस्थान करेगा.’
हालांकि इसरो काफी लंबे समय से इस काम के लिए अपनी तरफ से लगा हुआ है, मगर प्रधानमंत्री की उक्त घोषणा ने समानवीय अंतरिक्ष उड़ान की एक निश्चित समय सीमा तय कर दी है.

