दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज डॉक्टर्स डे के मौके पर दुनिया और देश में काम कर रहे कुछ डॉक्टर्स से बातचीत की. कोरोना के इस मुश्किल समय में डॉक्टर्स कोरोना वारियर्स बनकर इस जंग में अपना पूरा योगदान दे रहे है. इसके लिए राहुल ने डॉक्टर्स को सलाम किया और उन्हें धन्यवाद दिया. बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि दुनिया में हर जगह भारतीय डॉक्टर्स जरूर मिलते हैं और लोग कहते हैं कि इनके बिना अस्पताल नहीं चल सकता.
उन्होंने डॉक्टर्स से कहा कि “आप हमारे देश के प्रतिनिधि बनकर इस कोरोना संकट के दौरान पूरे विश्व में अपनी सेवाएं दे रहे हों. यह हमारे पूरे देश के लिए गर्व की और सम्मान की बात है.” इस मौके पर सभी डॉक्टरों ने कोरोना लड़ाई में अपनी- अपनी बात रखी.
मौजूदा स्थिति के बारे में चिकित्सकों ने बताया कि भारत में 1.2 मिलियन एलोपैथिक डॉक्टर हैं, जबकि 3 मिलियन से अधिक नर्स हैं. लेकिन भारत में प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में जमीन आसमान का अंतर है. प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की सैलरी कट रही है जिसमे सरकार को मदद करनी चाहिए.
दिल्ली की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले सिर्फ 7 हजार टेस्ट कर रहे थे, लेकिन जब टेस्टिंग बढ़ी तो पॉजिटिव रेट बढ़ रहा है. इस स्थिति में भी दिल्ली में टेस्टिंग कम कर दी गई अगर दिल्ली में पांच लाख केस की बात हो रही है, तो सिर्फ दस हजार बेड से कैसे काम चल पाएगा.
इस दौरान राहुल ने कहा कि “मुझे लगता है कि सरकारें इस धारणा को मैनेज करने की कोशिश कर रही हैं कि समस्या उतनी भी बुरी नहीं जितनी दिख रही है. लेकिन मेरा मानना है कि हमें समस्या का सामना करना होगा इसलिए हमें समस्या को स्वीकारना चाहिए.”
बता दें कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 18,653 नये मामले सामने आये हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा 5.85 लाख के पार पहुंच गया है. इसी अवधि में मृतकों की संख्या में 500 से अधिक की वृद्धि दर्ज किये जाने से यह आंकड़ा 17,400 पर पहुंच गया.

