रांची:- भारतीय प्रबंध संस्थान राँची को अपना पहला भवन मिला गया है. जिसका उद्घाटन राज्यसभा के सांसद परिमल नाथवानी ने सोमवार को किया.
जिस भवन का उद्घाटन किया गया है, वह आई.आई.एम. राँची का पूर्ण रुप से वातानुकूलित सभागार है. यहां 650 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक आई.टी. तकनिकों, ओडियो-विडियो सुविधा से लैस सभागार है.
15 दिसम्बर को है आईआईएम राँची का स्थापना दिवस
यह भी उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अगले दिन यानी की 15 दिसंबर 2020 को, भारतीय प्रबंध संस्थान राँची अपना 12 वां स्थापना दिवस मना रहा है.
इस वर्ष स्थापना दिवस का आयोजन नव निर्मित स्थायी परिसर में किया जा रहा है. इससे पहले इस संस्थान के समस्त छोटे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किराये के स्थानों पर किया जाता था.
इस अवसर पर राज्य सभा सांसद परिमल नाथवानी ने कहा कि, ‘‘भारत के शीर्ष प्रबंधन संस्थाओं में स्थान पाने वाली भारतीय प्रबंधन संस्थान राँची, के विश्वस्तरीय सेमिनार हाॅल का उद्धाटन करना, मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. मेरे संसद स्थानीक विस्तार विकास निधि से रू. 13.56 करोड़ की लागत से निर्मित 40,000 वर्ग फुट में फैले हुए इस ओडिटोरियम की क्षमता 650 लोंगो की है. आई. आई. एम. राँची के स्थापना से ही उसका अभ्यासक्रम इस तरह से तैयार किया गया है जिससे प्रबधंन संस्थान में जो पढ़ाया जाता है और वास्तविक रूप से व्यवसाय में जो चाहिए उसके बीच की दूरी को कम किया जा सके. यह सेमिनार हॅाल शैक्षणिक विश्व और काॅर्पोरेट को जोड़ने का कार्य करेगा. मै आशा करता हँू कि यह सेमिनार हाॅल लर्निंग सेन्टर के रूप में उभर कर आए जहाँ भारत और समुचे विश्व से शीर्ष कंपनी के सीईओ, व्यावसायिक जगत के निष्णात और मेनेजमेन्ट गुरू आए और यहां के विद्यार्थींओं और प्राध्यापको के साथ वार्तालाप करें और अपना ज्ञान साझा करें.
2018 में दिया गया था संविदा
‘‘आई.आई.एम. राॅची कैंपस को विकसित करने का संविदा वर्ष 2018 में दिया गया था और दो साल के भीतर संस्थान को आज इसका पहला भवन मिला है, जिसका श्रेय टीम के सभी सदस्यों, ठेकेदारों और सलाहकारों को जाता है.” आईआईएम राँची के निदेशक ने कार्यक्रमों में लोगों से बात करते हुए अपने संबोधन में उल्लेख किया.
आई.आई.एम. राँची ने कोरोना महामारी एवं देशव्यापी लाॅकडाउन जैसी चुनौतियों के बाद इस उप्लब्धि को हासिल किया है. आज का यह समारोह लक्ष्य को हासिल करने के लिए इच्छा शक्ति के महत्व को साबित करता है. आज यानी उद्घाटन के दिन भी सार्वजनिक सभाएँ, स्वास्थ और सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित हैं, लेकिन फिर भी संस्थान ने उद्घाटन कार्यक्रम को आॅनालईन मोड में आयोजित कर ‘‘जहाॅ चाह वही राह‘‘ को साबित किया है.
