नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के मद्देनजर हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना के महत्वपूर्ण युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती सहित देश के समुद्री सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर बुधवार से तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेंगे.
राजनाथ सिंह और बिपिन रावत कर सकते हैं संबोधित
गत 15 जून को गलवान घाटी में हुई झड़प के मद्देनजर सीमा विवाद को लेकर चीन को स्पष्ट संदेश भेजने के लिए भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपने कई प्रमुख युद्धपोतों और पनडुब्बियों को को पहले ही तैनात कर दिया है. सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत द्वारा सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किए जाने की उम्मीद है.
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत
बता दें, इससे पहले चीन की सेना के इतना बड़ा कदम लेने से पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ घंटो चली बैठक का नतीजा है. यह बैठक दोनों नेताओं के बीच वीडियो कॉल के माध्यम से हुई थी. जिसमें गलवान जैसी घटना दौबारा न दौहराने और शांति की तरह आगे कदम बढ़ाने पर सहमति बनी है. उसी का परिणाम है कि चीनी सेना ने अपने कदम आज गलावान क्षेत्र से पीछे लिए हैं.

