नई दिल्ली: ट्रेनों को चलाने में रुचि रखने वाले प्राइवेट प्लेयर्स को महीने भर पहले ये बताने के बाद कि टैरिफ और किराए को रेगुलेट करने के लिए कोई बॉडी नहीं होगी, भारतीय रेलवे ने लोकसभा में कहा कि वो अब टैरिफ रेगुलेशन के लिए नए तरीके का अध्ययन कर रहा है ताकि प्राइवेट ट्रेन ऑपरेटर्स की आवश्यकता पूरी हो सके.
भाजपा सांसद नलीन कुमार कटील के सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा, ‘निजी यात्री ट्रेन ऑपरेटरों और अन्य सार्वजनिक प्राइवेट पार्टनरशिप जैसे बदलते परिदृश्य की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सांविधिक समर्थन के साथ एक रेगुलेटरी तंत्र पर विचार किया जा रहा है.’
उन्होंने कहा, ‘किसी भी मौजूदा रेगुलेटर के प्राधिकरण सहित सांविधिक समर्थन के साथ रेल नियामक तंत्र को सक्षम बनाने के लिए एक अध्ययन किया जा रहा है.’
पिछले महीने रेलवे ने फर्म्स को कहा था कि प्राइवेट ट्रेनों के किराए का रेगुलेशन कोई ऑथिरिटी नहीं करेगी और प्राइवेट प्लेयर्स को किराया निर्धारित करने की छूट होगी.

