रांची: रामकृष्ण मिशन आश्रम मोरहाबादी, भारतीय योग संस्था झारखंड व भगिनी निवेदिता सेवा केंद्र अनगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में वेबीनार का आयोजन किया गया. इसका विषय सिस्टर निवेदिता व चार योगों का एकीकरण था. यह कार्यक्रम सिस्टर निवेदिता के जन्म दिन के मौके पर आयोजित किया गया था.
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी मौजूद थीं. वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान बेलुर के प्रतिकुलपति स्वामी आत्माप्रियानंद जी महाराज कर रहे थे.
मौके पर रामकृष्ण मिशन आश्रम मोरहाबादी के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज ने निवेदिता का अर्थ समझाया और तीन प्रकार की शिक्षा जैसे विद्यालयी शिक्षा, कारिगरी शिक्षा व नैतिक शिक्षा के महत्व के बारे में भी बताया.
वहीं उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी ने सिस्टर निवेदिता का भारतीय नारी के उत्थान में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारतीय नारी को अपने मूल स्वभाव, प्रेम, धार्मिकता व त्याग को नहीं छोड़ना चाहिए.
हर महिला शिक्षित एवं सशक्त बने, यही सिस्टर निवेदिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी आत्माप्रियानंद जी महाराज ने मनुष्यों की उन्नाति के लिए ज्ञान, बुद्धि, कर्म और योग के समन्वय महत्व को समझाया. कार्यक्रम में दो सौ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया.

