BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

भारत का विज्ञान के हर क्षेत्र में प्राचीन काल से ही बड़ा योगदान

by bnnbharat.com
December 17, 2020
in समाचार
भारत का विज्ञान के हर क्षेत्र में प्राचीन काल से ही बड़ा योगदान
Share on FacebookShare on Twitter


रांची:- पत्र सूचना कार्यालय व रीजनल आउटरीच ब्यूरो, रांची तथा फील्ड आउटरीच ब्यूरो, दुमका एवं सीएसआईआर-सीएमईआरआई दुर्गापुर के संयुक्त तत्वावधान में ’भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सवः आत्म निर्भर भारत तथा वैश्विक कल्याण हेतु विज्ञान’ विषय पर आज दिनांक 17 दिसंबर 2020, गुरुवार को दूसरे वेबिनार परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस परिचर्चा में शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया. विशेषज्ञों का कहना था कि भारत का विज्ञान के हर क्षेत्र में प्राचीन तथा वैदिक काल से ही बड़ा योगदान रहा है. विज्ञान और तकनीक से मानव समाज और विश्व के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के समाधान सम्भव हैं.
वेबिनार परिचर्चा की शुरुआत करते हुए अपर महानिदेशक पीआईबी- आरओबी अरिमर्दन सिंह ने कहा कि भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुंबकम पर विश्वास किया है और देश का हमेशा यह उद्देश्य रहा है कि कोई भी आविष्कार हो, वह देश और काल की सीमा से परे हो. स्वार्थ के लिए ही नहीं, परमार्थ के लिए भी हो. उसके लिए पहले जरूरत है कि हम आत्मनिर्भर बने और विज्ञान में हाई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ आम लोगों के जीवन में खुशहाली लाए . हमारी सरकार का उद्देश्य आम लोगों की भलाई करना है. यह विज्ञान महोत्सव पहली बार वर्चुअल है. इसमें छात्र, शोधार्थी, आम जनता के लिए पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप, लाइव डेमोंसट्रेशन, एग्जीबिशन आदि के माध्यम से साइंटिफिक टेंपर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि सबकी रुचि और प्रतिभा बढ़े और बच्चों में खासकर ’लर्निंग बाय डूइंग’ की क्षमता बढ़े.
सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर के निदेशक प्रो.(डॉ) हरीश हिरानी ने विज्ञान और तकनीक के समुचित अनुप्रयोग से मानव समाज और सम्पूर्ण विश्व के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के समाधान सम्भव है . वैज्ञानिक नवोन्मेष के द्वारा न सिर्फ हम आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत कर सकते है बल्कि विश्वकल्याण की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकते है. आवश्यकता है प्रभावी, सस्ती और सम्पोषणीय और सतत तकनीकों के विकास की. यह संस्थान जन समुदाय के हित दृष्टिकोण से तकनीकों के समयबद्ध और समुचित उपलब्धता तथा विज्ञान के तकनीक और उत्पाद में प्रभावी रूपांतरण पर विश्वास करता है.
रांची विमेंस कॉलेज की सह – आचार्या डॉ आभा प्रसाद ने कहा कि मानव काल का इतिहास अग्नि और पहिए के आविष्कार से शुरू होता है. पहले के जो मनुष्य थे वह भोजन के लिए दूसरे जीव जंतु पर निर्भर करते थे इसके लिए उन्होंने तेज पत्थर और हड्डी से औजार बनाएं और अपने मस्तिष्क और हाथ का जो सामंजस्य बैठाया इसकी वजह से उन्हें “ होमो सेपियंस“ कहा जाने लगा. इंडस वैली सिविलाइजेशन में जो वस्तुएं मिली हैं उनसे पता चलता है कि वह सभ्यता काफी विकसित थी. मकान बनाने की कला थी और वहां अच्छे प्लैनिंग से बने शहर थे. उस समय ज्योमेट्री, मेज़रमेंट, इंजीनियरिंग सभी का ज्ञान था. खेती के लिए हल का इस्तेमाल होता था, जल से व्यापार होता था, तो जहाज भी होगा. विज्ञान और तकनीक की हमेशा से भारत में उन्नति हुई है. वैदिक काल में आयुर्वेद, सर्जरी, इम्यूनिटी, पर लगातार शोध हुआ है और किताबें लिखी गई. गणित में और ज्योतिष विज्ञान में भी काफी काम हुआ है. धातु के औजार बनाने में भी विकास दिखता है. आर्किटेक्चर के विकास से ही भारत में भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ. ब्रिटिश काल के समय जूलॉजी, बॉटनी, आदि पर काफी शोध हुआ. हमें समझना होगा कि साइंस के उपयोग के बिना मनुष्य की उन्नति संभव नहीं है. देश की तरक्की के लिए यह जरूरी है कि हर बच्चे में साइंस के प्रति जागरूकता बढ़े.
इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थोल्मलॉजी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की डॉ. एस आइशा रज़ा ने कहा कि विज्ञान तथा तकनीक एक अच्छा समाज बनाने में तभी कारगर होगा जब हम साइंटिफिक टेंपर को जनता में फैलाएं . उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे संविधान के आर्टिकल 51. के तहत भी यह बात कही गई है कि हर नागरिक को वैज्ञानिक मानसिकता विकास करने में योगदान देना चाहिए. इस वेबिनार का समन्वय एवं संचालन क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी शाहिद रहमान ने किया. वहीं तकनीकी सहायता तथा समन्वय सहयोग क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ओंकार नाथ पाण्डेय तथा महविश रहमान द्वारा‌ क्रमशः दिया गया.
वेबिनार में विज्ञान तथा जनसंचार संस्थानों के अधिकारी, कर्मचारियों, छात्रों के अलावा पीआईबी, आरओबी, एफओबी, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के अधिकारी-कर्मचारियों तथा दूसरे राज्यों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया. गीत एवं नाटक विभाग के अंतर्गत कलाकारों एवं सदस्यों, आकाशवाणी के पीटीसी, दूरदर्शन के स्ट्रिंगर तथा मीडिया से संपादक और पत्रकार भी शामिल हुए.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जनप्रतिनिधियों की बैठक 18 को

Next Post

देवघर जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्र व उपस्वास्थ्य केन्द्र की मूलभुत व्यवस्थाओं को रखें दुरूस्तः-उपायुक्त

Next Post
कार्य में कोताही या अनुशासनहीनता बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाईः-उपायुक्त

देवघर जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्र व उपस्वास्थ्य केन्द्र की मूलभुत व्यवस्थाओं को रखें दुरूस्तः-उपायुक्त

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d