नई दिल्ली: ‘सर्व शिक्षा अभियान’ इस नारे के मायने ही यह हैं कि सबसे शिक्षा मिले. सबको पढ़ने के लिए किताब, ड्रेस और अच्छे-अच्छे स्कूल मिलें. इसके लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाता है. लाखों करोड़ के बजट में से हजारों करोड़ रुपये नए स्कूल बनाने और पुरानों को रिपेयर करने पर भी खर्च किए जाते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक स्कूल ऐसा भी है जिसे देश का अजूबा (India’s Wonder) कहा जाता है. झांसी में यह स्कूल सिर्फ 3 फीट की एक छोटी सी जगह में चलता है. 3 फीट की इस जगह में मैडम खड़े होकर पढ़ाती भी हैं और बच्चे ज़मीन पर बैठकर पढ़ते भी हैं. अब कैसे पढ़ते होंगे यह हमारे और आपके सोचने की बात है.
लेकिन यह स्कूल लगातार चल रहा है. अजूबा होने के चलते लोग इस स्कूल को देखने के लिए भी आते हैं. मजे की बात यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी समय-समय पर इस स्कूल का निरीक्षण करने भी जाते हैं. यहां मिड-डे-मील भी बनता है. बच्चों को किताब और ड्रेस भी बांटी जाती है. वहीं आसपास रहने वाले लोगों को कहना है कि यह स्कूल क्या है एक गली सी है.
एक दिन में छोटा नहीं हुआ है यह स्कूल-
स्कूल के पड़ोस में रहने वाले लोग बताते हैं कि यह स्कूल बीते 50 साल से चल रहा है. लेकिन पहले यह ऐसा नहीं था. धीरे-धीरे इस स्कूल पर कब्जा होता चला गया और स्कूल छोटा हो गया. हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का इस संबंध में यह कहना है कि स्कूल की बिल्डिंग को लेकर बिल्डिंग मालिक से विवाद चल रहा है. उसी के चलते स्कूल की यह हालत हुई है. अब जब केस चल रहा है तो बिल्डिंग को ऐसे खाली भी नहीं छोड़ सकते. बेशक अधिकारियों का तर्क जो भी हो, लेकिन इसका खामियाजा वहां पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.

