आलू ने भी छोड़ा गरीबों का साथ
रांची. आसमान छूती मंहगाई ने अब आम लोगों को परेशान कर दिया है. मंहगाई ने लोगों की थाली से सब्जियां गायब कर दी है. सब्जी इतनी महंगी हो गयी है कि अब आमलोगों को सब्जी खाने का हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. आलू जिसे गरीबों का साथी कहा जाता है, वह भी उनके पहुंच से बाहर होने लगी है. थालियों में अगर आलू के चोखे भी मिल जाये, तो उस दिन लोग अपने को भाग्यशाली समझने लगे हैं. जानकारी के अनुसार बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी महंगी सब्जी झारखंड में बिकने लगी है. आलू की कीमत वर्तमान ने 30 रुपये (सफेद) और लाल आलू महंगाई में आलू भी गरीबों का छोड़ा साथ, मंहगी सब्जी पहुंच से बाहर हरी मिर्च 200 तो धनिया 300 रू किलो की कीमत 35 रुपये है. जबकि इस सीजन में आलू की कीम 20 रुपये से अधिक नहीं रही. प्याज भी 25 रुपये बिक रहा है. हरी सब्जी की बात ही न करें, दाम सुनते ही लोगों का बजट खराब हो जाता है. टमाटर की कीमत 60 रुपये से 70 रुपये तक है. अब टमाटर का दाम पूछने पर सब्जी विक्रेता पाव के हिसाब से दाम बताते हैं. रांची में फूलगोबी की कीमत प्रतिकिलो 70 रुपये है. बोदी 40 रुपए, गोंगरा 40 रुपए, भिंडी 40 रुपए, धनिया 300 रुपए किलो, खीरा 30 रुपए, बैगन 40 रुपए, करैला 50 रुपए, परवल 60 रुपए, कद्दू 40 रुपए, हरी मिर्च 200 रुपए किलो, केला 40 रुपए किलो, बंधगोबी 30 रुपए और पालक 60 रुपएं किलो खरीदने को मजबूर हैं.

