रामजन्मभूमि पर आने वाले फैसले को लेकर सूचना निदेशक शिशिर ने मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी किया है. साकेत महाविद्यालय में मीडिया कंट्रोल रूम बनाया गया है. स्थानीय व बाहर से आने वाले सभी पत्रकारों के पास मीडिया संस्थान का परिचय पत्र होना चाहिए. वहीं कवरेज के लिए सूचना विभाग पास जारी करेगा. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की ओबी वैन के लिए अधिकारियों की देखरेख में चिन्हित स्थानों पर ही पार्किंग की जाएगी.

जानकारी के मुताबिक राम मंदिर का मुद्दा हर दिन गरमाता ही जा रहा है. फैसले की तारीख पास आते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त बनाने की कवायद शुरू कर दी है. सांप्रदायिक सौहार्द व सामाजिक सामंजस्य बना रहे, इसके लिए अयोध्या में रामजन्मभूमि एवं बाबरी मस्जिद से जुड़े किसी भी कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई है. कोई भी व्यक्ति, समूह व संगठन रामजन्मभूमि एवं बाबरी मस्जिद से जुड़े समारोह, पदयात्रा, जनसभा नहीं करेगा, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे.

अयोध्या में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वहां बैनर-पोस्टर का भी इस्तेमाल नहीं होगा. पहली बार सार्वजनिक स्थान से लेकर लोगों के घर तक निषेधाज्ञा के दायरे में आए हैं. घर के आसपास व छतों पर कंकड़, पत्थर, खाली बोतल, शीशा का टुकड़ा आदि ऐसी सामग्री, जिनका उपयोग शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकती है. उन सभी चीजों पर बैन लगा दिया गया है. सुरक्षातंत्र भी सुनियोजित तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है. अधिकारियों व जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया को अहम माध्यम बनाया गया है. फोर्स का व्यवस्थापन और अन्य गतिविधियां बेहतर हो सके, इसके लिए स्पेशल सेल का भी गठन किया गया है. वहीं सेल में एक प्रभारी और सहयोगियों की तैनाती कर दी गई है.

