समिति के संयोजक बादल के नेतृत्व में आंदोलनरत संगठनों ने सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की
रांची:- झारखंड सरकार के विभिन्न संस्थानों में नौकरी एवं अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कांग्रेस कमेटी डॉ रामेश्वर उरांव द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति से आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मुलाकात किया.
समिति के संयोजक झारखंड सरकार में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के संयोजकत्व में आयोजित बैठक में विधायक ममता देवी,विधायक राजेश कच्छप,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव,डा राजेश गुप्ता छोटू,आदित्य विक्रम जायसवाल, निरंजन पासवान, शशिभूषण राय, मोहम्मद शाहबाज, सुषमा हेंब्रम,दीपक ओझा, जितेन्द्र त्रिवेदी उपस्थित थे. अपराहन 2.00 बजे से प्रारंभ हुई इस बैठक में मंत्री बादल पत्रलेख ने आठ संगठनों से अलग-अलग मुलाकात की,जिसमें पंचायत सचिव, शिक्षक पात्रता परीक्षा जेटेट, गृह रक्षा वाहिनी होमगार्ड, कारा वाहन चालक, जिला पुलिस, उत्पाद सिपाही, झारखंड सशस्त्र पुलिस बल, घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल अलग अलग मुलाकात किया.ज्ञातव्य है कि 23 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के दौरान अनशन पर बैठे विभिन्न संगठनों के हजारों अभ्यर्थियों का अनशन और धरना प्रदेश अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव,मंत्री बादल पत्रलेख के दूरभाष पर आश्वासन के उपरान्त प्रतिनिधिमंडल ने जाकर समाप्त कराया,समाप्ति के उपरांत 25 अक्टूबर को सभी प्रतिनिधिमंडल ने डॉ रामेश्वर उरांव से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि 3 नवंबर के चुनाव के उपरांत मंत्री बादल पत्रलेख के नेतृत्व में कमेटी मांगों के समाधान के लिए प्रयास करेगी और चुनाव के 24 घंटे समाप्त भी अभी नहीं हुए थे कि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों की मांगों के समाधान के प्रयास प्रारंभ कर दिए गए. पंचायत सचिव के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गौतम कुमार,पूजा कुमारी ने समिति को बताया कि 23 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा, हिंदी टाइपिंग, शॉर्टहैंड, कंप्यूटर दक्षता की परीक्षा उत्तीर्ण होने एवं दस्तावेज सत्यापन होने के बावजूद नियुक्ति नहीं ली गई है जबकि इस परीक्षा में 50 फीसदी महिलाओं के लिए सीट आरक्षित हैं.
शिक्षक पात्रता परीक्षा जेटेट के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे अफरोज आलम एवं मुरारी कुमार दास ने बताया कि 2016 में सभी परीक्षाएं और परिणाम घोषित कर दिया गया लेकिन नियुक्ति पत्र अब तक नहीं दिए गए हैं जबकि 25000 पद रिक्त हैं.
झारखंड सशस्त्र पुलिस सामान्य आरक्षी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गौरव कुमार सिंह ने बताया कि 2013 में लिखित परीक्षा पास की और लगभग साढ़े चार पद रिक्त हैं, लेकिन दूसरी मेघा सूची अभी तक जारी नहीं की गई.
गृह रक्षा वाहिनी होमगार्ड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही देववन्ती कुमारी ने बताया कि 2018 में हमने सभी परीक्षाएं पास कर ली, रिजल्ट भी आ गया और हम सभी चयनित उम्मीदवार हैं, फिर भी हमें ना तो नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है और ना ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
वहीं कारा वाहन चालक के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद जावेद ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग 3-10-2019 को सभी परीक्षाऐं ले ली गई और दूसरी सूची जारी कर दी, वाहन चालक जांच परीक्षा 17ध्3ध्2020 को पूर्ण की जा चुकी है,परंतु लाकडाउन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई है.
झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं राजू चंद्रवंशी ने बताया झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 4-8-2019 को परीक्षाएं संपन्न हुई, लाखों अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए लेकिन एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी परीक्षा का परिणाम अभी तक प्रकाशित नहीं किया गया है,घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल कर रहे डॉ राकेश किरण महतो ने बताया की सभी औपचारिकताओं के बावजूद हमारा वेतनमान नहीं दिया जा रहा है,इस प्रकार के अध्यापकों के साथ कहीं भी अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाता है.
बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि हजारों लाखों अभ्यर्थी अपनी नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं जो सभी झारखंड के रहने वाले हैं जिनकी उम्र सीमा भी अब समाप्त हो रही है,बच्पिचियों के शादी विवाह की सामाजिक दवाब हैं,पिछली सरकार द्वारा जो उन्हें इंसाफ नहीं मिला था जो, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ की गई, उनका अनशन हमने अपने भरोसे समाप्त कराने का काम किया है. मैंने उनसे अपील की थी कि गठबंधन सरकार संवेदनशील है और आपकी समस्याओं के लिए हम पहल कर रहे हैं,हजारों लाखों लोगों ने अपना अनशन धरना समाप्त किया, उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अब इनके इंसाफ की लड़ाई लड़ेगी, हम कोई नई नियुक्तियां नहीं कर रहे हैं,4 सालों से इन लोगों को लटका कर रखा गया है. इन लोगों की उम्र सीमा भी अब समाप्त हो रही है, हमसे लोगों की उम्मीदें हैं, हम इस संदर्भ में मुख्य सचिव ,कार्मिक सचिव ,महाधिवक्ता,शिक्षा सचिव सब को बुला कर बात करेंगे, मुख्यमंत्री जी से इस पर परामर्श करेंगे.हमने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि हम आपके सुनहरे भविष्य के लिए सरकार के साथ समन्वय स्थापित करके आपके नियुक्ति की प्रक्रिया को सरल बनाऐंगे और स्थायीकरण करने का भी किम करेंगे. जब हम विपक्ष में थे तभी हम ने सड़क पर उतर कर कई विभागों की पहली मेधा सूची जारी कराई थी,जहाँ तक आश्वासन की बात है तो हमें किसी प्रकार के आश्वासन की जरूरत नहीं, हम पूरी तरह से वचनबद्ध हैं कि हम इन सभी अभ्यर्थियों की नौकरी देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जहां भी फाइलें लटकेंगी हमारे प्रतिनिधि मंडल के लोग इस फाइल को आगे बढ़ाने का काम करेंगे, अनशन कारियों के पास हम मिलने गए हैं,हमने उनको बुलाया है तो जिम्मेदारियां भी हमारी हैं. एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा जीवन को गति देने के लिए, विकास को गति देने के लिए गठबंधन की सरकार पूरी तरह से काम कर रही है, क्रियान्वित करने के लिए अभ्यर्थी जो दर दर की ठोकरें खा रहे थे हम उन्हें पूरा इंसाफ देने का काम करेंगे, सुप्रीम कोर्ट में हमने मजबूती से सरकार का पक्ष रखा है .हम यह मानते हैं कि प्रधानमंत्री जी और केंद्र सरकार द्वारा जो हमें सहयोग मिलना चाहिए था इस महामारी में वह सहयोग नहीं मिला. आपदा और विपत्ति के समय सरकार को समाज के साथ मानवता के साथ खड़े होने की जरूरत पड़ती है.
बैठक का संचालन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.हर सप्ताह हम इन सभी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को वस्तुस्थिति से अवगत कराते रहेंगे. संगठन और सरकार दोनों मिलकर अभ्यर्थियों की नौकरी सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रयास करेंगे,रघुवर दास की सरकार में जीवन नरक बनाने वाले लाखों बच्चों के भविष्य को संवारने का काम सरकार करेगी.