ब्यूरो चीफ
रांची: राज्य के गरीब परिवारों के बीच कंबल वितरित करने की प्रक्रिया सरकार ने अब तक पूरी नहीं की है. 30 सितंबर 2019 तक मुख्यमंत्री ने गरीबों को कंबल देने का आदेश दिया था. इसके बाद सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की तरफ से सभी जिलों को कंबल की निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिये गये. अब सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की तरफ से यह बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने 15 अक्तूबर तक कंबल बांट लेने की बातें कही हैं, यानी 30 सितंबर के बाद 15 दिनों की और मोहलत मिलने की बातें कही जा रही हैं. सरकार की तरफ से 33 करोड़ रुपये का कंबल गरीबों के बीच वितरित करने की योजना बनायी गयी थी. अमूमन दिसंबर के अंत में अथवा जनवरी माह में मुख्यमंत्री और कैबिनेट के अन्य मंत्री कंबल वितरित करने का काम करते थे. झारखंड राज्य खादी आयोग की तरफ से 2018 में कंबल लिये गये थे. इसमें काफी विवाद भी हुआ था. इसलिए इस बार जिला स्तर से ही कंबल की खरीद की जा रही है.
क्या कहते हैं निदेशक
समाजिक सुरक्षा निदेशक मनोज कुमार का कहना है कि मुख्यालय स्तर से कुछ नहीं किया जा रहा है. इसलिए कुछ रिपोर्ट नहीं भेजी गयी है कि कहां-कहां कंबल खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में कंबल खरीद की समिति बनायी गयी थी. उन्होंने कहा कि गढ़वा, पलामू, सरायकेला-खरसांवा में कंबल खरीद की निविदा आमंत्रित किये जाने की सूचना है. अन्य जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पायेगा कि कहां-कहां कंबल वितरण का काम हुआ है.

