राज्यसभा में सरकार ने बतायी इंटरनेट कनेक्टिविटी व डिजिटल साक्षरता की उपलब्धियां
रांची: मोदी सरकार विकास प्रक्रिया का अनिवार्य अंग बन चुके आधुनिक सूचना तकनीक को देश के जन-जन तक पहुंचाने को प्रतिबद्ध है. देश के दुर्गमतम ग्रामीण इलाकों तक इंटरनेट की पहुंच सुनिश्चित करने और लोगों को इसके इस्तेमाल के लिए डिजिटल साक्षरता पर सरकार का पूरा जोर है.
“राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (एनडीएलएम)” तथा “डिजिटल साक्षरता अभियान (डीआईएसएचए)” नामक दो स्कीशमों के तहत कुल 53.67 लाख लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया जिनमें से 42þ अभ्यजर्थी ग्रामीण इलाकों से थे.
इसके अलावा 2017 में शुरू “प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडीआईएसएचए)” नामक स्कीम के तहत 11 सितंबर 2020 तक कुल 2,39,903 ग्राम पंचायतों को पंजीकृत किया जा चुका है. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए संचार, शिक्षा तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्या मंत्री संजय धोत्रे ने यह जानकारी दी.
मंत्री धोत्रे ने बताया कि इसके “स्वतयं-प्रभा” के तहत शिक्षा मंत्रालय इंटरनेट से वंचित नागरिकों के लिए विद्यालयों तथा उच्चस शैक्षणिक संस्थायओं हेतु शिक्षा संबंधी विषय-वस्तुय वाले 34 शैक्षणिक चैनल प्रदान कर रहा है.
ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की एक्सेसस को बेहतर बनाने के लिए सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) के तहत भारतनेट परियोजना में देश की ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड/इंटरनेट कनेक्ट्विटी प्रदान करने की संकल्पना की गई है. इसके अलावा राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन को सभी के लिए ब्रॉडबैंड की वहनीय तथा सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य के साथ 17 दिसंबर 2019 को शुरू किया गया था.

