रांची: झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन और झारखंड के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने प्रसिद्ध शिक्षाविद, साहित्यकार और संथाली भाषा के मूर्धन्य विद्वान पद्मश्री डॉ प्रोफेसर दिगम्बर हांसदा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है तथा उनके निधन को झारखंड की शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.
शुक्ल जो अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के भी राष्ट्रीय महामंत्री है ने कहा है कि डॉ. हांसदा के साथ उन्हें कोल्हान विश्वविद्यालय में दो-दो कार्यकाल तक सिंडिकेट सदस्य के रूप में काम करने का अवसर मिला और डॉ हांसदा और शुक्ल ने मिलकर जनजातियों भाषाओं के विकास के लिए मिलकर काम भी किया.
शुक्ल ने कहा है कि डॉ प्रोफेसर हांसदा ने संथाली भाषा के विकास के लिए बहुत काम किया. भारतीय संविधान को संथाली में अनुवाद किया था. शुक्ल ने उनके परिजनों से मिलकर उन्हें संवेदना दी तथा इस कष्ट में अपने को सहभागी बताया.
शुक्ल ने डॉ हांसदा के निधन को अपनी अत्यंत निजी क्षति बताते हुए कहा है कि डॉ हांसदा सदैव झारखंड के शिक्षा जगत में जीवंत बने रहेंगे. शुक्ल ने प्रभु से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया है.

