रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विधायक दल बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सदन को सुचारू रूप में चलाना सरकार की पहली जिम्मेवारी है. भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका के निर्वहन के लिए हमेशा तैयार है.
उन्होंने कहा कि लेकिन सरकार की नीयत ठीक नहीं है. सरकार अपनी अकर्मण्यता को छिपाने के लिए अनाप शनाप निर्णय ले रही है. यह सरकार नई योजना क्या शुरू करेगी, पहले से चल रही कल्याण कारी योजनाओं को भी बंद कर रही है. सरकार के ऐसे निर्णयों से जनता में निराशा है.
विधि व्यवस्था के सवाल पर यह सरकार निकम्मी हो गई है. प्रदेश में हत्या ,बलात्कार की घटनाएं बढ़ गई है. चाईबासा में आदिवासियों का वीभत्स नरसंहार पर सरकार मौन है, लोहरदगा की घटना से सरकार की पोल खुल गई है.
उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल घटक दल झामुमो, राजद, कांग्रेस को अपना घोषणा पत्र निकाल कर धरातल पर उतारना चाहिए परंतु सरकार के मुखिया ने खजाना खाली का रोना शुरू कर दिया. यह जनता के प्रति वादा खिलाफी है.
मरांडी ने कहा हम एक शसक्त विपक्ष के रूप में सरकार को जनता से किए वायदों को पूरा करने का दबाव बनाएंगे. पार्टी जन मुद्दों पर जनता की मजबूत आवाज बनेगी.
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नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को इस संबंध में विधि सम्मत निर्णय लेना है, हम तो पार्टी के सिपाही है, मेरी पार्टी के विधायकों ने मुझे जो जिम्मेवारी दी है उसे मैं पूरी निष्ठा से पालन करूंगा.

