रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदम पर आपदा में भी बेहिसाब मुनाफा कमाने की छूट निजी अस्पतालों को नहीं दी जा सकती है.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अलग झारखंड राज्य गठबंधन के बाद अधिकांश समय तक भाजपा की सत्ता में रही, इस दौरान कॉरपोरेट घरानों के साथ मिलकर राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों की मनमानी पर पूरी तरह से अंकुश लगना चाहिए, कोरोना समेत अन्य जांच के लिए शुल्क निर्धारित होनी चाहिए और इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के सख्ती होनी चाहिए. यदि कोई निजी अस्पताल प्रबंधन यदि इन गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसका लाईसेंस रद्द किया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया जाना चाहिए. प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी के कारण लोगों की सेवा में जुटे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की भी बदनामी हो रही है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में आर्थिक तंगी से भी लोग परेशान है, देशभर में बेरोजगारी के कारण लोग परेशान है, प्रतिदिन आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही है. केंद्र सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे फैसला लेने से पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है. स्थिति में सुधार लाने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने लोगों तक सीधे मदद पहुंचाने की बात कही थी, ऐसे से लोगों के पास पैसा आता है और बाजार की मांग बढ़ती और अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार मांग बढ़ने से उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती, रोजगार भी बढ़ता, लेकिन स्थिति से निपटने में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने बिजली विभाग की लापरवाही से आज खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हुई मौत पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण बता रहे है कि दो-तीन दिनों से उनके खेत में बिजली का तार गिरा था, लेकिन सूचना देने के बावजूद न तो बिजली विभाग द्वारा लाइन काटी गयी और न ही खेत में गिरे तार हो हटाया गया, जिसके कारण आज एक बड़ी दुर्घटना हो गयी. उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेवारी बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने और मृतक के आश्रित को समुचित मुआवजा देने की मांग की.

