रांची: प्रदेश कांग्रेस कमिटी के द्वारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्मदिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पितकर श्रद्धासुमन किया. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में पूर्वाह्न 11ः30 बजे कांग्रेस भवन से सैकड़ों कार्यकर्ता जुलूस निकालकर त्रिकोण हवन कुंड स्थित सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा स्थल तक गये एवं उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके उपरांत कांग्रेस भवन, रांची में पूर्वाह्न 11ः45 बजे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की व्यक्तित्व एवं कृतित्व को लेकर एवं आईएनए की ऐतिहासिक गाथा पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ नेताजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया गया. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विचार-गोष्ठी का विधिवत रूप से उद्घाटन किया. विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि आज सुभाष चन्द्र बोस की जन्मदिवस है, आज माहौल चला है, देश प्रेमी और देश द्रोही का. अगर किसी का किसी से मतभेद है तो हम समझ लेते है कि वह देश द्रोही है.
1885 में कांग्रेस का गठन हुआ, आप जानते हैं कि रिटायर्ड अंग्रेज ए.ओ.ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना की थी और 1942 आते-आते कांग्रेस ने नारा दिया अंग्रेजों भारत छोड़ो, सुभाष चन्द्र बोस के मार्ग को ही लेकर सभी नेता एक साथ चल रहे थे, मतभेद होते हुए भी मनभेद नहीं था.
उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस त्याग एवं अनुशासन के प्रतिमूर्ति थे. उन्होंने देश की आजादी के लिये अपने सारे सुख-वैभव का त्याग कर स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये कठिन से कठिन मार्ग को अपनाया एवं अंग्रेजों को अपने नाम का लोहा मनवाया. उन्होंने इसी उद्देश्य से आजाद हिन्द फौज का गठन किया एवं नारा दिया कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा. उनमें युवाओं को संगठित कर राष्ट्र के प्रति समर्पित करने की अर्पूव क्षमता थी.
मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल संत जेवियर कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष कमल किशोर बोस ने कहा कि सुभाष चन्द्र का मंतव्य था कि मिट्टी का कर्ज चुकाना है सोये हुए को निंद से जगाना है, फुलों में खूबू लाना है, आजाद हिन्द फौज का निर्माण कर गुलामी की जंजीरों से देश को आजाद कराना है और इसी दौरान जय हिन्द ऐसा शब्द आया, जो हर क्रांति को जोश और प्रेरणा था. तुम मुझे खून दो मैं तुमें आजादी दूंगा, उनकी परिकल्पना और सोंच में था इसलिए सुभाष चन्द्र बोस ने कहा था कि अगर हमारे पास आजादी का जोश और जुनून है तो बिना बलिदान दिये आजादी मिल सकती है. 123वीं जयंती मनाना कोई आकस्मात घटना नहीं है, कांग्रेस कार्यालय में ऐसा आयोजन होना बहुत बड़ी एवं अच्छी बात है.
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया.

