रांची:- प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पसावा) के झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा दसवीं परीक्षा को रद्द तथा बारहवीं की परीक्षा स्थगित करने तथा दसवीं के सभी विद्यार्थियों को उत्तीर्ण घोषित करने के निर्णय का स्वागत किया है.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कहा निश्चित रूप से इस विषम परिस्थिति में बच्चे परीक्षा देने की स्थिति में नहीं थे,उनके अभिभावक भी काफी तनाव में थे और बच्चों का जीवन सुरक्षित रखना हम सबका प्रथम कर्त्तव्य था. कोरोना महामारी के दूसरी भयावह फेज में जहां देशभर के सभी निजी विद्यालय, सरकारी विद्यालय,कॉलेज विश्वविद्यालय एवं सभी शिक्षण संस्थाएं बंद कर दी गई थी, ऐसे हालात में सीबीएसई के परीक्षार्थियों के मन में एक भय का वातावरण व्याप्त था. सीबीएसई के आज के फैसले से झारखंड के लाखों परीक्षार्थियों ने चैन की सांस ली है. झारखंड के 20 हजार से अधिक सीबीएसई विद्यालयों के लाखों छात्रों की ओर से हम सीबीएसई को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने परीक्षार्थियों के भविष्य को अंधकार में होने से बचाया है.
पासवा के प्रदेश अध्यक्ष न ेकहा कि वर्तमान परिस्थिति में झारखंड राज्य की भी स्थिति वैश्विक महामारी के कारण बहुत अच्छी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन , आपदा प्रबंधन सह स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और झारखंड एकेडमिक काउंसिल के चेयरमैन से विनम्र अनुरोध है कि जिस तरह वैश्विक महामारी के कारण सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द सभी परीक्षार्थियों को एस्समेंट के आधार पर उत्तीर्ण घोषित करने निर्णय लिया गया है और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है . उसी तरह झारखंड एकेडमिक काउंसिल भी 10 वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द कर सभी विद्यार्थियों को उत्तीर्ण घोषित करे क्योंकि बच्चे इस वक्त काफी तनाव में हैं तथा परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं.

