रांची: चारा घोटाले मामले में सजायफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा जेल मैनुअल का उल्लंघन मामले में शुक्रवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. लालू प्रसाद को किसके निर्देश पर पहले पेइंग वार्ड से रिम्स निदेशक बंगला और फिर पेइंग वार्ड में शिफ्ट किया गया, इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई. मामले में सरकार ने जवाब दाखिल करने का समय मांगा. यह मामला जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में हुई.
जानकारी के अनुसार, इससे पहले मीडिया रिपोर्ट और भाजपा की ओर से लालू प्रसाद पर लगातार जेल मैनुअल के उल्लंघन का आरोप लगाया जाता रहा है. लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान भी सीबीआई की ओर से यह मामला उठाया गया था. उसके बाद अदालत ने उस पर राज्य सरकार की ओर से जवाब मांगा गया था. पूर्व में राज्य सरकार द्वारा दिये गये जवाब पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पुनः विस्तृत और बिन्दुवार जवाब पेश करने को कहा गया था. उसी के आलोक में राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश किया गया है.
बता दें कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू रिम्स में इलाजरत हैं. निदेशक बंगले से उनकी फोन रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद उन्हें रिम्स निदेशक बंगले से इसी माह पेइंग वार्ड शिफ्ट किया गया था. पिछले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को कैदियों से मिलने और उनकी सुरक्षा के लिए बनाए गए SOP को अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही अदालत ने पूछा था कि लालू प्रसाद यादव को किसके आदेश पर रिम्स के निदेशक बंगले में शिफ्ट किया गया और वहां से फिर पेइंग वार्ड में.

