हजारीबाग: हजारीबाग पुलिस लाइन में मंगलवार से पलामू के जवान इंद्रजीत तिवारी अपनी मांगों को लेकर पुलिस लाइन में दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. जवान ने बुधवार को बताया कि अपनी मांगों को लेकर जिला के पदाधिकारियों को आमरण अनशन की सूचना दी गई थी. जिसमें एक जवान को भी आवेदन के आधार पर मांगा गया था, लेकिन जवान तो नहीं दी गई लेकिन बदले में चतरा बाल बंदी को पहुंचाने की ड्यूटी दे दी गई. जिसके बाद चतरा बंदी को पहुंचा कर फिर से वो वापस आवरण अनसन पर बैठ गया.
इस संबंध में पुलिस लाइन मेजर अजीत चौबे ने बताया कि जवान का मामला पलामू का है और उसकी आवेदन स्वीकार नहीं की गई थी फिर भी वो अनसन पर बैठा, जो अमान्य है. साथ ही उन्होंने कहा कि 1976 से कानून में लिखा था कोई भी जवान बिना आदेश का आमरण अनशन या बिजनेस या राजनीतिक में नहीं जा सकता है उसके लिए उसे आदेश लेना अनिवार्य होगा. पुलिस लाइन में जवान की कमी थी. जिसके वजह से उसे ड्यूटी पर भेजा गया.

