बिहार में आनेवाले कुछ समय में विधानसभा के चुनाव होने हैं. चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के सुर बदलने लगे है. हम बात कर रहे है. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की. जेडीयू नेता और पूर्व एमएलसी जावेद इकबाल अंसारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. अभी हाल ही में जावेद का एमएमलसी का कार्यकाल खत्म हुआ है.
अंसारी ने कहा कि जेडीयू का नीति और सिद्धांत किसी को नहीं पता चलता है. इस वजह से वे जेडीयू छोड़ने का निर्णय लिया. अंसारी ने कहा कि जेडीयू का अपना कोई वजूद नहीं है अकेल चुनाव लड़ के देख ले पता चल जाएगा. उनको किसी न किसी के साथ रहना है.
बिहारी मजदूर कि मामले पर अंसारी ने कहा कि जेडीयू प्रवासी मजदूरों को अपराधी बता रहे हैं. ये तो तेजस्वी यादव के कारण ही लॉकडाउन में फंसे बिहारी मजदूर यहां पर आ पाए नहीं तो नहीं आ पाते हैं. नीतीश जी की दोहरी नीति रही है कभी बीजेपी के साथ जाते है तो कभी आरजेडी के साथ. कभी एनआरसी का विरोध करते तो कभी समर्थन में आते हैं. ये डबल नीति अपनाते है. इसलिए मैंने जेडीयू छोड़ दिया है.

