मुंबई: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने नकदी संकट और कर्ज में फंसी जेट एयरवेज को मुंबई के बांद्रा कुलौ काम्प्लेक्स (BKC) के अपने ऑफिस को बेचने की मंजूरी दे दी है.
360 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी
एयरलाइंस इस बिक्री के जरिये एचडीएफसी (HDFC) का 360 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी. साथ ही विदेश से लिए गए कर्ज और कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस के खर्च का भुगतान भी करेगी.
जेट एयरवेज के इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल आशीष छवछारिया ने गोदरेज केबीसी बिल्डिंग के तीसरे और चौथे फ्लोर को बेचने की अनुमति मांगी थी, ताकि कर्ज का निपटान किया जा सके.
हो सकेगा एयरलाइन की वैल्यू में इजाफा
छवछारिया ने एनसीएलटी से कहा था कि इस बिक्री से मिलने वाली पूंजी से एचडीएफसी के अलावा अमेरिका की एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक का कर्ज भी चुकाया जाएगा. इससे एयरलाइन की वैल्यू में इजाफा हो सकेगा.
इससे पहले कर्जदाताओं की समिति (CoC) की 24 अप्रैल को हुई 10वीं बैठक में 74.45 फीसदी वोट के साथ इस बिक्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी.
बांद्रा कुर्ला बिल्डिंग में मौजूद संपत्ति का एयरलाइन ने कभी इस्तेमाल नहीं है. कर्जदाता एचडीएफसी ने इस संपत्ति का रिजर्व प्राइस 490 करोड़ रुपये रखा है.

