रांची : झारखंड के कोयला खदानों के 201 लीजधारकों में से 109 लीजधारकों के खदानों में खनन का काम बंद हो गया है, सिर्फ 92 लीजधारकों के खदानों में ही कोयला के खनन का काम हो रहा है. बोकारो और धनबाद में 66 लीजधारकों के खदानों का काम रूक गया है. आज की तारीख में झारखंड में छोटे-बड़े 3937 लीजधारक हैं, जिसमें सिर्फ 1139 लीजधारकों को खदानों में ही खनन का काम हो रहा है. शेष 2798 लीजधारकों के खदानों में खनन का काम अस्थायी रूप से बंद है.
लघु खनिजों के 2460 लीजधारकों का काम बंद
झारखंड के लघु खनिजों के 2460 लीजधारकों के खदानों का काम बंद हो गया है. इसमें बोकारो में 112, धनबाद में 97, गिरिडीह में 127, देवघर में 105, दुमका में 173, गोड्डा में 51, जामाताड़ा में 64, पाकुड़ में 180, साहेबगंज में 271, चतरा में 43, हजारीबाग में 92, कोडरमा में 129, रामगढ़ में 155, चाईबासा में 93, जमशेदपुर में 117, सरायकेला-खरसांवा में 96, गढ़वा में 33, लातेहार में 11, पलामू में 75, गुमला में 10, खूंटी में 51, लोहरदगा में 86, रांची में 248 और सिमडेगा में 41 लघु खनिज के लीजधारकों का काम बंद है.
काम बंद होने के कारण रॉयल्टी भी कम मिली
पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में खान विभाग को निर्धारित लक्ष्य से कम रॉयल्टी मिली. खान विभाग ने 6431.50 करोड़ रॉयल्टी का लक्ष्य रखा था, इसके एवज में 5315.67 करोड़ ही रॉयल्टी मिल पाई. हालांकि खान विभाग जल्द ही कई खदानों का अक्सन करने जा रहा है. इसमें बॉक्साइट, चूना पत्थर, केयला सहित अन्य खनिजों के खदानें शामिल हैं.
किस जिले में कितने कोयला के लीजधारकों का काम है रूका
| जिला | कितने लीजधारक | कितने का काम जारी |
कितने लीजधारकों का काम बंद
|
| बोकारो | 25 | 7 | 18 |
| धनबाद | 105 | 57 | 48 |
| गिरिडीह | 01 | 01 | 00 |
| देवघर | 01 | 01 | 00 |
| गोड्डा | 09 | 01 | 08 |
| जामताड़ा | 05 | 00 | 05 |
| पाकुड़ | 02 | 00 | 02 |
| चतरा | 05 | 05 | 00 |
| हजारीबाग | 09 | 05 | 04 |
| रामगढ़ | 24 | 10 | 14 |
| जमशेदपुर | 01 | 00 | 01 |
| लातेहार | 02 | 02 | 00 |
| पलामू | 01 | 01 | 00 |
| रांची | 11 | 02 | 09 |

