रांचीः स्वयं सेवी संस्था ’’युगान्तर भारती’’ के बैनर तले राज्य के कलाकारों-कलाविदों तथा संस्था ‘कार्ड्स’ के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर सीएम हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन सौंपा.
‘युगान्तर भारती’ के कार्यकारी अध्यक्ष अंशुल शरण ने बताया कि एक कलाकार दृश्यकला एवं कला के अन्य आयामों द्वारा कलाकारों के निहित रचनात्मक विचारों-कल्पनाशीलता को व्यक्त कर और अपने स्वयं के व्यक्तिगत् अनुभवों से आकर्षित होकर कला की रचना करता है.
इस लिहाज से कला हमारी आसपास की दुनिया की चिंताओं, खुशियों और विचारों को सार्थकता प्रदान करने का एक माध्यम है. वरिष्ठ कलाकार हरेन ठाकुर एवं दिनेश सिंह ने बताया कि वैश्विक महामारी ‘कोविड- 19’ की वजह से झारखण्ड राज्य के सभी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं न ही वो किसी कार्यशाला में भाग ले पा रहे है. सरकारी कार्यक्रम भी बंद है. जिससे स्वतंत्र कलाकारों की आर्थिक स्थिति बेहद ही खराब हो गई है. जबकि बिहार सरकार द्वारा कलाकारों की आर्थिक मदद तो की ही जा रही है साथ ही वहां की सरकार के आग्रह पर निजी संस्था ने भी कलाकारों के आर्थिक मदद में अत्यधिक रूचि दिखाई है.
सीएम से मिलने वालों में अंशुल शरण के साथ पद्मश्री मुकुंद नायक, वरिष्ठ कलाकार हरेन ठाकुर, रामानुज शेखर, दिनेश सिंह, अमिताभ मुखर्जी, शर्मिला ठाकुर, राजेंद्र गुप्ता तथा कार्ड्स के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.
राज्य के स्वतंत्र-स्वावलंबी कलाकारों की ये है मांगे
- स्वतंत्र-स्वावलम्बी कलाकारों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए.
- सेवानिवृत वरिष्ठ कलाकारों को विशेष आर्थिक सहायता दिया जाए.
- कलाकारों के लिए ऑनलाइन कार्यशाला करवाया जाए.
- राज्य सरकार द्वारा असाइनमेंट आधारित काम कलाकारों को दिया जाए.
- कला-संस्कृति विभाग के अधीन सभी लंबित परियोजना, नियुक्ति इत्यादि को फास्ट ट्रैक पद्धति पर आरंभ किया जाए.
- विधान सभा, राज्य के मंत्रालयों और अन्य सरकारी भवनों में सजावट हेतु राज्य के कलाकारों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का क्रय राज्य सरकार करें.

