रांची: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव 20 दिसंबर को होना है. इस बार कार्यकारिणी का चयन ऑनलाइन मोड में होगा. नाम वापसी की अंतिम तिथि खत्म होने के बाद 44 प्रत्याशी मैदान में हैं. इसमें कई पुराने धुरंधर हैं. सबसे खास बात यह है कि इस बार के चुनाव में कुणाल अजमानी गुट की भिडंत उनकी कार्यकारिणी के पदाधिकारी से ही होगी. उनकी कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष रहे प्रवीण जैन (छाबड़ा) इस बार एक गुट के अध्यक्षीय प्रत्याशी हैं. यानी बीते करीब सवा साल से साथ-साथ चलने वाले अब आमने-सामने हैं.
चुनाव के बाद 21 प्रत्याशी विजेता घोषित किये जाएंगे. जिस गुट से अधिक उम्मीदवार जीतेंगे, अध्यक्ष वही होगा. अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव को लेकर प्रचार शुरू हो गया है. सोशल मीडिया को इसका जरिया बनाया जा रहा है. व्हाट्सएप, ट्वीटर, फेसबुक सहित अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार हो रहा है.
कोरोना को लेकर इस बार के चुनाव में कई बदलाव देखने को मिलेंगे. भीड़ के साथ इस बार प्रचार-प्रसार होने की उम्मीद कम है. होटलों में पार्टी का दौर भी संभवत: नहीं होगा. अब तक के चुनाव में हर गुट द्वारा लगातार पार्टी किया जाता रहा है. वोटरों को रिझाने के लिए बड़े-बड़े होटल बुक किये जाते थे. इसमें हर गुट के लोग अपनी प्राथमिकता बताते थे.
ऑनलाइन चुनाव होने से इस बार चैंबर को पैसा खर्च नहीं करना होगा. एक अनुमान के मुताबिक चुनाव कराने में चैंबर लगभग दस लाख रुपये का खर्च करता है. रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में टेंट, सीसीटीवी कैमरा, बैलेट पेपर आदि का इंतजाम करना पड़ता है. इस बार ये खर्च नहीं करने होंगे.
बैलेट पेपर से चुनाव नहीं होने के कारण इस बार मेले का नजारा भी देखने को नहीं मिलेगा. लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से घर या कहीं और बैठ कर वोट डालेंगे. मारवाड़ी भवन में चुनाव होने पर मतदान के दिन मेले सा दृश्य दिखता था. अंतिम समय में वोटरों को रिझाने के लिए प्रत्याशी हर तरह का दांव खेलते थे.

