रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि प्रधानमंत्री केयर फंड में हजारों करोड रुपए अनुदान में मिले सहयोग राशि में झारखंड को कोरोना महामारी से लड़ने में 8 करोड़ 67 दिए गए, उस हिसाब से अगर देखा जाए तो झारखंड की कुल आबादी तीन करोड़ 74 लाख में लगभग प्रति व्यक्ति 2 का सहयोग होता है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री के झारखंड की इस प्रकार उपेक्षा किए जाने की कठोर शब्दों में निंदा करती है. साथ ही साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी दूसरे प्रदेशों की तुलना में झारखंड के सिर्फ 3 जिलों को रखा गया है, जबकि भाजपा शासित प्रदेशों में 70 प्रतिशत से भी ज्यादा जिलों को शामिल किया गया है.
वहीं हमारे पड़ोसी प्रदेश बिहार और उत्तर प्रदेश में 20 जिलों से ज्यादा इस अभियान में शामिल किए गए हैं. प्रदेश की जनता ने 14 में 13 सांसद केंद्र की सरकार बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी, लेकिन झारखंड की जिस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा उपेक्षा की जा रही है राज्य की जनता से छुपी हुई नहीं है. झारखंड वासियों का सरासर अपमान है. भाजपा के तीनों पूर्व मुख्यमंत्री जिन्हें प्रतिदिन पत्र लिखने में महारत हासिल है. इन पत्र वीरों को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर झारखंड को विशेष पैकेज दिलाने की मांग करनी चाहिए.
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दूबे, किशोर शाहदेव, राजेश गुप्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री से यह देश जानना चाहता है कि तथा कथित वर्चुअल रैलियां जिसमें करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं क्या करोना महामारी के प्रसार को नियंत्रित कर सकती हैं, बेरोजगार हो रहे युवाओं को रोजगार मिल सकता है, गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है, अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया जा सकता है, अगर नहीं तो फिर आपातकाल में करोड़ों रुपए वर्चुअल रैली के नाम पर खर्च करके गरीबों को एक तरह से मुंह चिढ़ाने एवं देश की जनता के साथ मजाक किया जा रहा है.
सच तो यह है कि करोना महामारी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश की जनता से 21 दिन का समय मांगा था लेकिन दुर्भाग्य देखिए लाकडाउन का मतलब सिर्फ यह नहीं था कि सब कुछ बंद कर देंगे तो करोना प्रवेश नहीं करेगा परंतु इसके पीछे यह भी सोच थी कि इस अंतराल में मेडिकल सुविधा कोरोना संक्रमण के बढते नम्बरों से निपटने लायक बना ली जाएगी, परंतु केंद्र सरकार ने 70 दिनों का समय यूं ही गवा दिया, क्योंकि जो लगातार खबरें आ रही हैं रोगियों के मौत लगातार हो रहे हैं.
कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, अस्पताल में बेड नहीं है, मुकम्मल इलाज नहीं हो पा रहे हैं. इन 70 दिनों में ना तो जरूरत की मेडिकल सुविधा ही तैयार कर पाए और ना ही कोरोना के संक्रमण को ही रोक पाए.
आपदा प्रबंधन मंत्री सह गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि यहां का अस्पताल काल कोठरी बनकर रह गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने सही कहा था कि कोरोना संक्रमण से निपटने में केन्द्र सरकार पूरी तरह से विफल रही है.

