रांची: वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जंग में झारखंड सरकार की सहभागिता सराहनीय है. सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित उनके मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों की सक्रियता और तत्परता काबिले-तारीफ है.
उक्त बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कही. उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने की चुनौती स्वीकार करते हुए झारखंड सरकार अपने मिशन में लगी है.
विषम परिस्थितियों में हेमंत सरकार में शामिल सभी मंत्री विशेष रूप से लॉकडाउन के दौरान झारखंड के लोगों को प्रतिकूल प्रभाव से बचाने में पूरे समर्पण से जुटे हैं.
सहाय ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि झारखंड के सभी लोगों के हितों का हर हाल में संरक्षण किया जाये. उन्होंने कहा कि विशेषकर किसान एवं ग्रामीण लॉकडाउन की अवधि में काफी लंबे समय से घर में बैठे हैं.
आर्थिक दृष्टिकोण से वे और भी कमजोर हो गये हैं. उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने की मांग करते हुए सहाय ने मनरेगा मजदूरी के बकाया भुगतान एवं उन्हें अग्रिम राशि देने की मांग की है.
साथ ही यह भी कहा कि आगामी एक माह में मानसून आने की पूरी संभावना है. इसके मद्देनजर सरकार को अपनी बहुआयामी तैयारियों को अंतिम स्वरुप देना चाहिये ताकि किसी को कोई असुविधा ना हो.
पूर्व केंद्रीय मंत्री सहाय ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड के साथ केंद्र सरकार दोहरे चरित्र दिखा रही है. कई मामलों में झारखंड की उपेक्षा की जा रही है.

