विश्व बाल दिवस पर राज्यपाल ने बाल पत्रकारों के साथ की बाल अधिकारों पर चर्चा
रांची: संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौता (यूएनसीआरसी) के 30 वीं वर्षगांठ के अवसर पर झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने यूनिसेफ के बाल पत्रकारों से मुलाकात की और उनसे बाल अधिकार के मुद्दों पर चर्चा की.
राज्यपाल के साथ बातचीत में यूनिसेफ की बाल पत्रकार जानकी कुमारी, फरहीन परवीन और मोहम्मद कैफ ने हिस्सा लिया तथा बाल अधिकारों को लेकर बाल पत्रकारों के द्वारा किए गए कार्यों जैसे कि बाल विवाह, बाल श्रम तथा बच्चों को स्कूल से जोड़ने आदि प्रयासों के बारे में बताया. बाल पत्रकारों ने कोविड-19 को लेकर समुदाय में जागरूकता तथा सुरक्षा प्रोटोकाॅल के बारे में जनजागरूकता फैलाने में उनके द्वारा किए गए प्रयासों से भी राज्यपाल को अवगत कराया.
बाल पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं पिछले कई वर्षों से बाल पत्रकारों के साथ विश्व बाल दिवस (20 नवंबर) मनाती आ रही हूं. मेरा मानना है कि यदि बच्चों को अभिव्यक्ति का मंच दिया गया तो वे अपने आसपास और समुदायों में शिक्षा, समुदाय में सभी बच्चों के लिए सुरक्षित और बाल हितैषी वातावरण के निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने का कार्य कर सकते हैं. मैं बच्चों के साथ बातचीत करके तथा उनके अनुभवों को सुनकर काफी प्रसन्न हूं. झारखंड के बच्चे भविष्य के नेता, शिक्षक, डॉक्टर तथा राज्य में विकास के शिल्पीकार हैं. ये बच्चे राज्य के स्तंभ हैं. हम बाल अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को लेकर कई पहल की है और हम आगे भी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य – 2030 और बच्चों के मुद्दों को लेकर समुदाय के साथ मिलकर काम करते रहेंगे. मैं सभी बच्चों को बाल दिवस की शुभकामना देता हूँ.’’
इस अवसर पर बोलते हुए, यूनिसेफ झारखंड के प्रमुख प्रसांता दाश ने कहा, ‘‘आज का दिन हमें बाल अधिकार और उसके महत्व के बारे में स्मरण दिलाता है, जिसकी नींव आज से 31 वर्ष पूर्व आज के ही दिन रखी गई थी. हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है, क्योंकि केवल सरकार के प्रयासों से ही बाल अधिकार के इस लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सकते. हम सभी को बच्चों के अधिकारों को लेकर एकजुट होना होगा.’’
यूनिसेफ झारखंड की कम्यूनिकेशन ऑफिसर आस्था अलंग ने कहा, ‘‘ये बच्चे यूनिसेफ के बाल पत्रकार कार्यक्रम का हिस्सा रहे हैं. यूनिसेफ वर्ष 2009 से झारखंड में बाल पत्रकार कार्यक्रम का संचालन कर रहा है. इस वर्ष, रांची के पांच प्रखंडों के 550 से अधिक बाल पत्रकारों को बाल अधिकार के मुद्दों को लेकर प्रशिक्षित किया गया है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये बच्चे सतत विकास लक्ष्य के मुद्दों, जैसे कि बच्चों के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य, बाल श्रम उन्मूलन तथा सभी बच्चों के लिए शिक्षा की आवश्यकता आदि को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. इनमें से कई बच्चों ने कोरोना महामारी के दौरान साड़ी से मास्क बनाकर कर लोगों में वितरित किया तथा कोरोना नियंत्रण के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर लोगों को प्रेरित एवं जागरूक करने का भी काम किया.’’
विश्व बाल दिवस बच्चों के लिए यूनिसेफ का एक वैश्विक दिवस है, जो कि बच्चों के लिए बच्चों के द्वारा थीम पर आधारित है. इसका आयोजन हर वर्ष 20 नवंबर को बाल अधिकार सम्मेलन के वर्षगांठ के मौके पर किया जाता है. इस वर्ष झारखंड में राष्ट्रीय बाल दिवस (14 नवंबर) से विश्व बाल दिवस (20 नवंबर) तक पूरे एक सप्ताह तक कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
इस वर्ष बाल दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों तथा कोविड-19 से प्रभावित बच्चों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए यूनिसेफ के #गोब्लू अभियान के तहत रांची स्थित राजभवन को नीले प्रकाश से रोशन किया गया.

