BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

जैव विविधता संपन्न क्षेत्रों में झारखंड का स्थान महत्वपूर्ण : ए के रस्तोगी

वेबीनार में जैव विविधता का महत्व बताया

by bnnbharat.com
June 5, 2020
in Uncategorized
जैव विविधता संपन्न क्षेत्रों में झारखंड का स्थान महत्वपूर्ण : ए के रस्तोगी

जैव विविधता संपन्न क्षेत्रों में झारखंड का स्थान महत्वपूर्ण : ए के रस्तोगी

Share on FacebookShare on Twitter

रांचीः झारखंड अपनी विविध जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत में एक अहम स्थान बनाया है. अनेक प्रकार के वनोत्पाद, उष्णकटबंधीय पर्णपाती वन, नम पर्णपाती वन तथा मिश्रित पर्णपाती वन जैसी खूबियाँ झारखंड के जंगलों में स्पष्ट दिखायी देती हैं. यह बातें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के चेयरमैन श्री ए के रस्तोगी ने धुर्वा स्थित र्बोड के सभागार में बोर्ड द्वारा आयोजित वेबीनार कार्यक्रम में कही.

ए के रस्तोगी ने कहा कि किसी भी राज्य की वन संपदा कुल क्षेत्रफल की 33 फीसदी है तो उसे संपन्न कहा जा सकता है. वर्तमान में झारखंड में अधिसूचित वन के रूप में कुल भौगोलिक क्षेत्र 29.6 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण को जहर देने का मतलब साफ है कि हम अपने शरीर को विषाक्त कर रहे हैं.

एके रस्तोगी ने वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 के दौरान हुई विश्वव्यापी लॉकडाउन ने पर्यावरण को जीवनदान दिया है. भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला. देशव्यापी लॉकडाउन ने कारखानों को बंद कर दिया साथ ही कार, बस, ट्रक और हवाई यात्राएं कम हुए जिससे न केवल प्रदूषण कम हुआ बल्कि कम मानवीय गतिविधियों से एक सप्ताह के बाद ही उत्तरी भारत में एरोसेल के स्तर को 20 वर्ष के निम्न स्तर तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि देश में 68 दिनों के लॉकडाउन के कारण प्रकृति ने खुद को ठीक कर लिया है और एक्यूआई पानी की गुणवत्ता और समग्र वातावरण में सुधार के कारण सहारनपुर से गंगोत्री की बर्फीली चोटियां दिखायी देने लगी तो जालंधर से धौलाधार पर्वत दिखाई दिया.

वहीं सीतामढ़ी से माउंट एवरेस्ट दिखायी देता है. इसके अलावा गंगा नदी में डॉल्फिन का मेरठ तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि लॉकडाडन से गंगा का मिजाज भी बदला है. वहीं अगर झारखंड प्रदेश की बात की जाये तो धनबाद में एनसीएपी के तहत सुधार देखा गया. सीएएक्यूएमएस के डाटा के अनुसार धनबाद में खनन गतिविधि के सामान्य कामकाज के बावजूद हवा ने औसतन पीएम 10 स्तर की 28.21 फीसदी की कमी और पीएम-2 के स्तर की तुलना में 55.59 प्रतिशत की कमी दिखायी दी. वहीं रांची और जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है. कार्यक्रम में बोर्ड के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

लखीसराय में फिर मिले चार कोरोना पॉजिटिव मरीज

Next Post

मानसून से पहले मेयर ने ल‍िया वार्डों में नाली सफाई का जायजा

Next Post
मानसून से पहले मेयर ने ल‍िया वार्डों में नाली सफाई का जायजा

मानसून से पहले मेयर ने ल‍िया वार्डों में नाली सफाई का जायजा

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d