खूंटी: खूंटी जिला विगत डेढ़ माह से बगैर एसपी के चल रहा है. इसे लेकर विपक्ष के झारखंड विकास मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने सवाल उठाया है और खूंटी में लॉ एण्ड आर्डर बहाल करने की बात कही है. ग्रामीण एसपी को खूंटी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इससे खूंटी जैसे उग्रवाद प्रभावित और अन्य गंभीर समस्याओं पर नियंत्रण पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है. कई पुलिस जवानों को जरूरी कार्यों से अवकाश लेने में भी दिक्कत हो रही है.

दिलीप मिश्र ने कहा बगैर पुलिस कप्तान के जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों में अंकुश नहीं लगाया जा रहा है. कई पुलिस निलंबित चल रहे हैं उनकी निलंबन वापसी भी आधार में लटकी है. आधे अधूरे पुलिसकर्मियों के सहारे जिले को विकास की राह पर चलाना कठिन है. अब लगातार त्योहारों का सीजन भी आ रहा है. शहर में भीड़ भी बढ़ेगी. भीड़ पर नियंत्रण रखना बगैर जिले के कप्तान के मुश्किल होगा. कल कर्रा थाना क्षेत्र में घटी मॉबलिंचिंग की घटना उत्तेजित भीड़ की हिंसक प्रवृति का परिचायक है. तीन लोग उग्र भीड़ के शिकार हुए और भीड़ ने पीट-पीट कर एक व्यक्ति की जान ले ली.
झाविमो जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द जिले में एसपी का पदस्थापन किया जाए, जिससे असामाजिक तत्वों के बढ़ते मनोबल पर पुलिस कार्रवाई कर नियंत्रित कर सके और जिले में शांति सुव्यवस्था बहाल की जा सके.

