ब्यूरो चीफ,
रांची: झारखंड विधानसभा के नये भवन में शुक्रवार को विशेष सत्र आहूत किया गया. इस सत्र में विधानसभा के प्रमुख विपक्षी दल झामुमो के सभी सदस्य नदारद रहे. विशेष सत्र में कांग्रेस, झाविमो, मासस, बसपा, निर्दलीय विधायकों ने अपनी शिरकत की. सदन में सभी सदस्यों ने सदन की गरिमा बनाये रखने और इसकी प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आने देने की बातें कहीं. सबने एक स्वर से कहा कि आखिरकार 19 वर्षों बाद हमारा अपना विधानसभा भवन बना. यह वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता का नतीजा है. संसदीय कार्य मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि सपना पूरा हो रहा है. झारखंड खुशहाल प्रदेश बन रहा है. दलगत भावना से उपर उठ कर काम करने की आवश्यकता है. इससे विकास की गति और बढ़ेगी, हर चीज को राजनीति से नहीं देखने की जरूरत है.
नेता प्रतिपक्ष का होना लाजिमी था- सरयू राय
राज्य के खाद्य सार्वजनिक वितरण मंत्री सरयू राय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का होना आज लाजिमी था. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है. आखिरी सत्र भी है. विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं. कमियों को दूर करने का प्रयास करते हुए संसदीय इतिहास बनाने की जरूरी है. ईंट-ईंट में जनता का पैसा इस सदन में लगा है. इसे आदर्श विधानसभा बनाने की जरूरत है, जो आत्मचिंतन, सामूहिक चिंतन से संभव है. सरकार अपने कार्यक्रमों के लिए इसका इस्तेमाल करे. उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष यदि अपनी भूमिका का निर्वहन ठीक से नहीं करेगा, तो राज्य ठीक से नहीं चलेगा.
लगता है चुनाव नजदीक आ गया- प्रदीप यादव
झाविमो के प्रदीप यादव ने कहा कि विशाल भवन की गरिमा बढ़ानी है. कुछ ऐतिहासिक फैसले लेने की जरूरत है. हमने पांच वर्ष पूरा किया. मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने भी अपना कार्यकाल पूरा किया. सीएम सही रास्ते पर अभी आये हैं, लगता है चुनाव नजदीक आ गया. उन्होंने कहा कि जाते-जाते सरकार ने बहनों को याद किया और रेडी टू ईट का जिम्मा उन्हें देने का निर्णय लिया. सरकार की नीयत और निष्ठा पर प्रश्न उठ रहा है. पांच वर्षों में कितने विश्वविद्यालय बंद हुए. नये ट्रैफिक रूल से परेशानी हो रही है. वृहद जुर्माना लग रहा है. गरीबों पर जुल्म ढ़ाया जा रहा है. सरकार ने पीटीपीएस को एनटीपीसी के हाथों बेच दिया. एक मेगावाट बिजली नहीं उत्पादित हुई. किसानों की बिजली बिल माफ करने की आवश्यकता है. जनजातीय छात्रों की छात्रवृत्ति घट कर 15 हजार हो गयी है. गिनिज बुक वालों को देखना चाहिए कि 26 हजार रोजगार में कितने वापस आ गये है.
ट्रैफिक रूल में बदलाव जरूरी – अरूप चटर्जी
मासस के अरूप चर्टजी ने कहा कि नये परिवहन कानून से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. सभी परेशान हैं. इस पर सरकार के स्तर पर निर्णय लेने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि लेनिन हॉल, जहां पुरानी विधानसभा है, उसे स्मारक बनाया जाना चाहिए. वहां पर 19 वर्षों तक कई सत्र आयोजित किये गये. उन्होंने कहा कि सरकार को पारा शिक्षकों, सहिया, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी सेविकाओं की समस्याओं पर भी विचार करना चाहिए. उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं. इसका असर आम जनता पर पड़ रहा है.
सपना साकार हुआ- भानू प्रताप शाही
निर्दलीय विधायक भानू प्रताप शाही ने कहा कि सीएम आभार के पात्र हैं. पुराने और नये विधानसभा में खट्टे और मीठे अनुभव मिले हैं. सबका एक सपना था कि नया विधानसभा भवन बने. पीएम ने इसका उदघाटन कर अपनत्व का परिचय दिया है. सरकारें आयेंगी और अपना काम करेंगी. 150 विधानसभा सदस्यों के लिए यह भवन बना है. इसी कैंपस में मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों का आवास भी बनाया जाना चाहिए.
गौरव महसूस हो रहा है – आलमगीर आलम
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि आज गौरव महसूस हो रहा है. बहुत कम दिन बचा है. अंतिम समय है, सरकार को धन्यवाद देना चाहेंगे. जनता के बीच जाकर यह बताना है कि आखिर कितना काम पूरा हुआ. जनता से जुड़े अब भी कई मुद्दे हैं. पहले गांवों तक बिजली राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से पहुंचायी गयी. अब उसे दीन दयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जोड़ा गया है. सीएम के पास ऊर्जा विभाग है. बड़े-बड़े ठेकेदार बिजली की योजनाओं को पूरा कर रहे हैं, जिसमें कई गांव छूट रहे हैं. इन्हें देखने की जरूरत है. सत्ता पक्ष और विपक्ष सदन को बढ़िया से चलाये.
गृह प्रवेश में नेता प्रतिपक्ष का होना जरूरी था – सुखदेव भगत
कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि गृह प्रवेश के दिन नेता प्रतिपक्ष का होना जरूरी था. उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर उन्हें विश्वास में लिया जाना चाहिए था. यह जन आकांक्षाओं का केंद्र है. इस सदन की गरिमा और मर्यादा बनी रहे. सदस्यों में दायित्व का बोध हो, यह पूर्वाग्रह का केंद्र न बने. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता दिखलाई है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं.
देर से आये, लेकिन दुरुस्त आये-रामकुमार यादव
भाकपा माले विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार देर से आयी, लेकिन दुरुस्त आयी. उन्होंने कहा कि संसदीय मर्यादा और गरिमा को ध्यान में रखा गया. सदस्यों को वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल में संरक्षण मिला, लेकिन दुख इस बात का रहा कि दुमका में झारखंड हाईकोर्ट की पीठ का निर्माण नहीं हो सका. 19 वर्षों में हम सुखाड़ का मुकाबला नहीं कर पाये. हम मानसून पर निर्भर हैं. खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है. गिरिडीह में छह माह से माइका उद्योग बंद है. दो लाख मजदूर बेरोजगार हो गये हैं.
पीएम के प्रति आभार प्रकट करता हूं- राधाकृष्ण किशोर
भाजपा विधायक दल के सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है. चौथी विधानसभा का यह अंतिम औपचारिक सत्र है. इस आखिरी दिन की कार्रवाई में झामुमो नहीं है. इसका गलत संदेश जायेगा. सरकार ने कई ऐसी योजनाएं ली, जिससे योजना का आकार बढ़ा और बजट भी बढ़ा. राष्ट्रीय उच्च मार्गों की सड़कें बनी, सड़कों की लंबाई भी बढ़ी. पलामू के भंडरिया, गारू में बिजली पहुंची. प्रतिपक्ष की अकर्मण्यता से सदन को बाधित रखा गया. सदन सभी राजनीतिक संगठनों से है. सत्ता पक्ष से विपक्ष की नाराजगी होनी चाहिए थी. जनता झामुमो को इसके लिए माफ नहीं करेगी. मौके पर जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस, विधायक जय प्रकाश भाई पटेल, एसबीपी मेहता ने भी अपने विचार रखे.

