रांची: महागठबंधन से अलग होने के ऐलान के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बिहार चुनाव में अकेले उतरने का फैसला कर लिया है. इस बीच पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार पार्टी उम्मीदवारों को सिंबल सौंप दिया.
जेएमएम ने अजित कुमार यादव को झाझा विधानसभा सीट से, एंजेला हंसदा को कटोरिया, पृथ्वीराज हेंब्रम को चकाई और फूलमनी हेंब्रम को मनिहारी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाये जाने की ऐलान किया है. इससे पहले मंगलवार को महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव पर राजनीतिक मक्कारी का आरोप लगाते हुए जेएमएम ने बिहार में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी बिहार के 7 विधानसभा सीटों झाझर, चकई, कटौरिया, धमदाहा, मनिहारी, पिरपैंती और नाथनगर पर चुनाव लड़ेगी.
उन्होंने कहा कि जेएमएम का आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से पुराना संबंध रहा है, एकीकृत बिहार में जेएमएम ने लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी की सरकार बनाने में 3 बार मदद की.
हालांकि, अब परिस्थितियां बदली हैं, नया राजनीतिक नेतृत्व जेएमएम के महत्व को समझने में विफल रहा हैसुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी यह चाहती थी कि बीजेपी जैसी सांप्रदायिक और जदयू जैसे नकारात्मक शक्तियों को सत्ता से दूर रखने के लिए राजद गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़े, लेकिन 2 दिन पहले जिस तरह से तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक मक्कारी के संदेश के बाद झामुमो की अनदेखी करने की कोशिश की है वह उसे महंगा पड़ेगा.
उन्होंने बताया कि जेएमएम ने कम सीटों पर और निर्णायक सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. इस बीच पार्टी ने चार उम्मीदवारों को सिंबल सौंप दिया.
जेएमएम ने अजित कुमार यादव को झाझा विधानसभा सीट से, एंजेला हंसदा को कटोरिया, पृथ्वीराज हेंब्रम को चकाई और फूलमनी हेंब्रम को मनिहारी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाये जाने की ऐलान किया है.

