रांचीः सीएम रघुवर दास ने कहा कि झारखंड अलग राज्य होगा, अबुआ राज होगा, विकास होगा, हर ओर हरियाली होगी. यही हमारी और आपकी अपेक्षाएं थीं. लेकिन ठीक इसके विपरीत अबुआ राज की बात करने वाले झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने बिरसा मुंडा की धरती को लूट का खंड बना दिया. अविभाजित बिहार में भी जेएमएम और आरजेडी का शासन था लेकिन इन्होंने सिर्फ अपना विकास किया. गरीबों की जिंदगी को भगवान भरोसे छोड़ दिया. अब आप बताएं 2014 से अबतक के शासनकाल में भाजपा सरकार पर घोटाला, भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है. विपक्षी पार्टी भी हमपर किसी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकती. विगत 5 साल में हमने राज्य की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया है. घर-घर बिजली, घर-घर शौचालय, पक्का मकान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन, युवाओं को रोजगार, किसानों की समृद्धि के कार्य हुए हैं. सीएम गुरुवार को मुसाबनी में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे.
ऐसा करते तो उन्हें दिशोम गुरु कौन कहता
मैं पूरी जिम्मेवारी से कहता हूँ कि जो जेएमएम भाजपा पर आदिवासियों की जमीन छीन लेने का भ्रम फैलता है. उस सोरेन परिवार ने हकीकत में सीएनटी/एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन छीन ली. एक दिन में छह जमीन का निबंधन इस परिवार ने कराया. यही इतिहास जेएमएम का रहा है. इस परिवार केंद्रित पार्टी ने सोचा कि अगर गरीबों, आदिवासियों के घर तक बिजली, शिक्षा पहुंच जायेगी तो वे पढ़ लिख जागरूक हो जायेंगे. ऐसा हुआ तो उन्हें दिशोम गुरु कौन कहेगा. यह हाल रहा झारखण्ड का. जहां आजादी के बाद 68 लाख घरों में से मात्र 38 लाख घरों तक बिजली पहुंची. विगत 5 साल में हमने 30 लाख घरों तक बिजली पहुंचा दी. भले ही वो घर सुदूर पहाड़ो में भी क्यों न बसा हो. वर्तमान सरकार की सोच है कि आदिवासी समाज के बच्चे भी आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर बनें. इस निमित उनके लिए कई व्यवस्थायें की गईं हैं.

