दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ से किया गया गिरफ्तार
रांची:- झारखंड के खूंटी जिले के पत्रकार अनिल मिश्रा के पुत्र संकेत मिश्रा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस का कहना है कि मृतक संकेत मिश्रा का अपनी चाची के साथ ही अवैध संबंध था और 33वर्षीय चाची ने ही घरेलू नौकर बिरसा मुंडा के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया. चाची का नौकर बिरसा से भी अनैतिक संबंध था.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मृतक संकेत मिश्रा ने अपनी चाची से तीन हजार रुपये की मांग की, तो उसकी चाची ने प्रेमघाघ पिकनिक स्थल पर बुलाया. इस दौरान बिरसा कुछ सामान लाने गया, तो किसी बात को लेकर उसका चाची से उसका विवाद हो गया. इस बीच नौकर भी मौके पर आ गया और उसने मौका देखकर संकेत मिश्रा पर हमला कर दिया. इस मारपीट के दौरान धारदार हथियार से संकेत मिश्रा की हत्या कर दी गयी. उसके बाद नौकर बिरसा ने खुद का पहना जींस और जैकेट को पेट्रोल से भींगा कर शव को जलाकर पहचान छिपाने की कोशिश की.
मामला सामने आने के बाद पुलिसिया छानबीन में यह बात सामने आयी कि मृतक के मोबाइल पर उसकी चाची ने ही कई बार फोन किया था और दोनों के बीच पहले भी घंटों बात हुआ करती थी. यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने मृतक की चाची को थाने में बुलाया, लेकिन चाची थाने में आने की जगह बिरसा मुंडा के साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के जसपुर भाग गयी. लेकिन पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया है.
जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ तोरपा ओम प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है. पुलिस ने गहन, तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्रम में कांड की मुख्य आरोपी मृतक की चाची को छत्तीसगढ़ के जसपुर जिले के कनकुरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों ने अपना-अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार के अलावा दो मोबाइल और मोटरसाईकिल को भी जब्त किया गया है.

