पत्रकारिता की साख पर बट्टा लगा रहे मोबाइल जर्नलिज्म: विधायक बिरंची नारायण
मीडिया स्वतंत्र रहने पर ही लोकतंत्र की रक्षा संभव: विध्यायक दीपिका पांडेय
विष्णु शंकर उपाध्याय जेजेए के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित
रांची:-अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा “प्रेस की स्वतंत्रता और मानवाधिकार” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. विधानसभा के क्लब हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो उपस्थित थे. विधानसभा अध्यक्ष श्री महतो ने कहा कि समाज के निर्माण में निर्भिक, साहसी व सत्यवादी पत्रकारों की प्रमुख भूमिका है. उन्होंने कहा कि समाज में संतुलन बनाने के लिए पत्रकारों को सक्रिय रहने की जरूरत है। पत्रकारों के सक्रिय व सजग रहने से समाज सजग होगा, व्यवस्था सजग होगी. उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना को सकारात्मक ढंग से लेने की जरूरत है। ऐसा होने से ही समाज में जरूरतमंद लोगों तक व्यस्थाएं पहुंचाई जा सकेंगी. जरुरत मंदों को लाभ दिया जा सकता है। पत्रकारों के साहस की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें सही बात लिखने के लिए आगे आना पड़ेगा। साथ ही लोकतंत्र के अन्य तीन स्तंभों के बाबत उन्होंने कहा कि इन्हें आलोचना को सकारात्मक ढंग से लेने की जरूरत है. साथ ही आलोचना को आत्मसात करने की हिम्मत रखनी होगी। ऐसा होने पर ही सभ्य समाज का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने आशा जताई कि विधानसभा की कार्यवाही का भी प्रचार प्रसार बेहतर ढंग से करने की जरूरत है। ऐसा होने से लोगों को विधानसभा में हो रहे बेहतर कार्य को समझने का अवसर मिलेगा.
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र के तीनों अंगों की कार्यशैली पर पैनी निगाह पत्रकार ही रखते हैं। ऐसे में पत्रकारों के लिए बेहतर करने का काम सरकार और सत्ता का होता है. उन्होंने आश्वासन भी दिया कि आने वाले समय में इस दिशा में उनके द्वारा भी प्रयास किया जाएगा।
बतौर मुख्य वक्ता प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्र ने कहा कि आज भी प्रेस की ताकत काफी है.
उन्होंने 12 नवंबर 2018 का जिक्र करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ यदि तीन न्यायाधीशों को विषय रखना था तो उन्होंने पत्रकारों को ही वार्ता के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष लगातार पत्रकारों के मानवाधिकारों का हनन करने का काम करता है. फिर भी मौलिक अधिकारों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता बनाए रखने का जिम्मा लोकतंत्र के तीनों अंगों का है। ऐसा होने पर मानवाधिकार सुरक्षित होगा इसका दायित्व पत्रकार निभाएंगे। श्री मिश्र ने यह भी कहा कि पत्रकारिता जितनी मजबूत होगी, मानवाधिकार उतना ही मजबूत होगा। विपक्ष के सचेतक विधायक बिरंची नारायण ने पत्रकारों की सुरक्षा की चिंता को जरूरी बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि उड़ीसा सरकार ने पत्रकारों के हित के लिए बहुत कुछ बेहतर किया है। उन्होंने उड़ीसा सरकार को पत्रकारों के हित में किए गए कार्य के लिए बधाई दी. साथ ही यह भी कहा कि झारखंड सरकार को भी पत्रकारों के हित में ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि देश के अन्य राज्य भी उन्हें नजीर की तरह उदाहरण दें. उन्होंने पत्रकारों से भी सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई। साथ ही कहा कि पत्रकारिता पर भी चुनौती है। विशेषकर विश्वसनीयता को बनाए रखने की जरूरत है. उन्होंने मोबाइल जर्नलिज्म को भी रोकने पर जोर दिया।
विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना और इसे कायम रखने में मीडिया की प्रमुख भूमिका है. मीडिया स्वतंत्र रहने पर ही लोकतंत्र की रक्षा संभव है. उन्होंने मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने को जरूरी बताया। साथ ही कहा कि कई मामलों में फेक न्यूज़ और गैर जरूरी मुद्दों से बचना चाहिए। समाज हित में काम करना बेहतर रहेगा। दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन एवं विधानसभा अध्यक्ष के साथ मिलकर पत्रकारों के हित में कार्य करने का आश्वासन दिया.
वरिष्ठ पत्रकार व बीएसपीएस के राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्र ने इस अवसर पर पत्रकारों की चुनौतियों की चर्चा की. साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत मुश्किल दौर में अंचल से लेकर राजधानी के पत्रकार काम करते हैं. उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देकर भी कहा कि महाराष्ट्र में पत्रकार की सुरक्षा के लिए कानून बना है। ऐसे ही कानून की जरूरत झारखंड में भी है. स्वागत भाषण व विषय प्रवेश करते हुए जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने कहा कि पत्रकारों को सुविधा दिलाने का प्रयास जेजेए के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौर में कई पत्रकारों को नौकरी गंवानी पड़ी, इसके लिए भी संगठन ने संघर्ष किया. शाहनवाज हसन ने कहा कि सत्ता में रहते हुये सभी दल पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय पर अंकुश नहीं लगा पाते,घोषणाएं तो बहुत की जाती हैं पर जब पत्रकार हत्या के वर्षों बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिलता तब पत्रकारों के हाथ केवल हताशा और निराशा ही हाथ लगती है अबतक चंदन तिवारी सहित अन्य पत्रकारों के हत्यारों को सज़ा नहीं मिल पायी है. कार्यक्रम का संचालन निशा कुमारी गुप्ता ने किया.
निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर राज्य के 10 पत्रकारों को स्वास्थ्य लाभ दिलवाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पत्रकार पेंशन योजना, बीमा योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री से बात हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान ही वरिष्ठ पत्रकार विष्णु शंकर उपाध्याय को जेजेए का तीसरा प्रदेश अध्यक्ष वर्ष 2022 तक के लिए निर्वाचित किया गया।नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि पत्रकार संगठनों की भीड़ में पिछले कुछ वर्षों में जेजेए की कार्यशैली ने पत्रकार संगठनों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनायी है.उन्होंने कहा कि आपस में प्रतिद्वंदिता नहीं पत्रकार हित में कार्य करने की जरूरत है। कार्यक्रम के आयोजन में जितेंद्र सिंह चौहान, अभय लाभ, कृपा सिंधु तिवारी,ललन पांडेय, संजय रंजन, संजय मिश्रा, शिव कुमार सिंह, आलोक सिन्हा,संतोष साव, नईमुल्लाह खान, रांची जिला अध्यक्ष आलोक सिन्हा ने प्रमुख भूमिका निभाई। कार्यक्रम में रांची, जमशेदपुर, सिंहभूम, गुमला, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हज़ारीबाग, कोडरमा, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, गोड्डा, सिमडेगा, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, देवघर, सहित कई अन्य जिलों के पत्रकार उपस्थित थे। कार्यक्रम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंचलिक पत्रकारों को सम्मानित किया गया.

